खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद केंद्र ने उतारे 500 के नोट, विमानों से डिलिवरी

Published by November 15, 2016 | 6:02 am
अलर्ट

नई दिल्लीः 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद मचे हाहाकार के बीच खुफिया एजेंसियों और राज्य सरकारों के अलर्ट और इनपुट के बाद मोदी सरकार ने नोटबंदी पर कदम तेज कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों ने सरकार को बताया है कि बुधवार तक करेंसी बदलने की व्यवस्था सुचारू न होने पर हिंसा होने की आशंका है। ऐसे में सरकार ने तुरंत 500 रुपए के नए नोट उतार दिए। साथ ही वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों से नोटों को एक से दूसरी जगह भेजना शुरू कर दिया।

सरकार क्यों तेज रफ्तार हुई?
इस मामले में केंद्र सरकार ने तेजी इसलिए दिखानी शुरू की क्योंकि यूपी के सीएम अखिलेश यादव और खुफिया एजेंसियों ने उसे अलर्ट किया है। अखिलेश यादव ने केंद्र को चेताया था कि हालात अगर ऐसे ही रहे तो कानून और व्यवस्था की समस्या हो सकती है। खुफिया एजेंसियों से भी ऐसा ही अलर्ट मोदी सरकार को मिला है। हर दो घंटे में हालात की जानकारी ले रहे पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसे में वित्त मंत्रालय को हालात से निपटने के निर्देश दिए। इसके बाद ही एटीएम में बदलाव को तेज करने के लिए रिजर्व बैंक में आठ सदस्यों का टास्क फोर्स बनाया गया।

और क्या कदम उठाए गए?
बंद किए गए नोटों के बदले लोगों को अब तक 2000 और 100 रुपए के नोट ही मिल रहे थे। हालात काबू से बाहर जाने की आशंका में सरकार ने 500 रुपए के नए नोट भी उतार दिए। दिल्ली समेत कई शहरों में कुछ एटीएम से सोमवार शाम को लोगों को 500 रुपए के नोट मिले। उधर, 100 रुपए के नोटों की कमी न होने देने के लिए भी सरकार और रिजर्व बैंक कदम उठा रहे हैं। इसके अलावा झारखंड के बोकारो समेत कई जगह वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों में लादकर नए नोट भेजे जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक देश के ज्यादातर हिस्सों में मंगलवार शाम तक 100, 500 और 2000 के नोट पर्याप्त संख्या में पहुंचा दिए जाएंगे।

क्यों मचा है हाहाकार?
नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम के बाहर मचे हाहाकार की वजह बड़े मूल्यवर्ग के नोट हैं। जब 500 और 1000 के नोट चल रहे थे, तो ये कुल नोटों का करीब 86 फीसदी थे। इन्हें बंद करने पर बाजार में सिर्फ 14 फीसदी ही पूंजी रह गई। इसी वजह से लोग परेशान हैं। जिन्हें बैंकों से 2000 के नए नोट मिले, वे उन्हें तुड़वा नहीं पा रहे हैं। ये भी हाहाकार मचने की बड़ी वजह है। अब तक 11 लोगों की मौत की खबर आ चुकी है। विपक्ष भी इस मुद्दे को गरमाए हुए है। ऐसे में मोदी सरकार किसी भी सूरत में हालात बिगड़ने नहीं देना चाह रही है। मंगलवार को कुछ और कदम भी सरकार उठा सकती है।