साहस को सलाम: जवानों की बहादुर पत्नियां, आतंकियों के मंसूबाें को ऐसे किया तबाह

Published by Published: November 30, 2016 | 9:11 am
Modified: November 30, 2016 | 1:54 pm
साहस को सलाम: जवानों की बहादुर पत्नियां, आतंकियों के मंसूबाें को ऐसे किया तबाह

नई दिल्ली: उरी अटैक के बाद आतंकियों ने सोमवार 28 नवंबर की देर रात जम्मू के सांबा और नगरोटा में हमला बोला। इस बार आतंकियों के निशाने पर भारतीय जवानों के साथ उनके परिवार भी थे। नगरोटा स्थित सेना की 16वीं कोर के मुख्यालय के समीप आर्टिलरी यूनिट पर पुलिस की वर्दी में आए आतंकियों ने हमला कर दिया। सैनिकों व अफसरों के घर में घुसकर आतंकी उनके परिवारों को बंधक बनाना चाहते थे। लेकिन नवजात शिशुओं के साथ घर में मौजूद दो महिलाओं ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

सैनिकों के परिवार को बंधक बनाने के लिए आतंकी उनके क्वार्टर में घुसना चाहते थे। अचानक दो अफसरों की पत्नियों ने आतंकियों का रास्ता रोक दिया। आतंकियों को ललकारते हुए बहादुर महिलाओं ने घर का सामान फेंककर आतंकियों को आगे नहीं बढ़ने दिया। लेकिन आतंकियों के पास हथियार थे उन्होंने कई राउंड फायरिंग करते हुए अंदर घुसने की कोशिश की।

यह देख अन्य सैन्यकर्मियों की पत्नियों का साहस बढ़ा और उन्होंने भी घरेलू सामान रास्ते में फेकने शुरू कर दिए। इससे आतंकी आगे नहीं बढ़ पाए। महिलाओं के इस साहस ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। अगर आतंकी क्वाटर्स में घुस जाते तो जवानों की फैमिली को बंधक बनाकर बड़ी वारदात को अंजान दे सकते थे।