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महाराष्ट्र के नक्शेकदम पर यह राज्य: रिपब्लिक डे से पहले देशहित में उठाया ये कदम

महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी नई व्यवस्था की शुरुआत शनिवार से की गयी है। मध्य-प्रदेश में कमलनाथ सरकार की पहल पर सभी शासकीय स्कूलों में हर शनिवार को संविधान की पढ़ाई की जायेगी

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 25 Jan 2020 10:40 AM GMT

महाराष्ट्र के नक्शेकदम पर यह राज्य: रिपब्लिक डे से पहले देशहित में उठाया ये कदम
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भोपाल: महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी नई व्यवस्था की शुरुआत शनिवार से की गयी है। मध्य-प्रदेश में कमलनाथ सरकार की पहल पर सभी शासकीय स्कूलों में हर शनिवार को संविधान की पढ़ाई की जायेगी। सरकार ने इसे लेकर सर्कुलर भी जारी कर दिया था। वहीं आज से इसकी शुरुआत हुई, जब स्कूलों में बच्चों ने संविधान के पाठ का वाचन किया।

मध्य प्रदेश के स्कूलों में हुआ संविधान की प्रस्तावना का पाठ:

कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के आदेश के बाद आज से राज्य के स्कूलों में बच्चों को संविधान का पाठ पढ़ाया जाना शुरू हो गया। इसके लिए राज्य स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने बुधवार को सर्कुलर भी जारी कर दिया था। सर्कुलर में कहा गया कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में हर शनिवार संविधान की प्रस्तावना पढ़ाई जाएगी और ये आदेश इसी शनिवार से लागू किया जाएगा।

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मंत्री पीसी शर्मा ने भोपाल के एक स्कूल में बच्चों को संविधान की प्रस्तावना का पाठ सिखाया। आदेश के बाद आज पहला शनिवार था, जब सभी स्कूलों में बच्चों ने संविधान का पाठ किया।

बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से नियम लागू

स्कूलों में संविधान का पाठ पढ़ाने को लेकर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों को संविधान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे देशहित के लिए प्रेरित होंगे।

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महाराष्ट्र के बाद ये नियम लागू करने वाला दूसरा राज्य:

गौरतलब है कि स्कूलों में संविधान का पाठ पढ़ाएं जाने का आदेश जारी होने के बाद मध्य प्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला दूसरा राज्य बन गया है। इसके पहले ये व्यवस्था महाराष्ट्र में भी लागू की गयी है।

महाराष्ट्र सरकार ने आदेश दिया कि 26 जनवरी से इसे लागू कर दिया जाए। हालांकि महाराष्ट्र में वैसे तो साल 2013 से ही पाठ्यपुस्तकों में संविधान की प्रस्तावना को जोड़ दिया गया था। बहुत से स्कूलों में उसका पठन भी किया जाता रहा है।

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Shivani Awasthi

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