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भारत ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, उत्पादों के आयात पर लगाया 200% शुल्क

भारत ने पुलवामा हमले के बाद तमाम कृटनीतिक मोर्चों पर पाकिस्तान को घेरने के साथ ही उसकी आर्थिक घेराबंदी भी शुरू कर दी है। शुक्रवार को पड़ोसी देश का ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन)’ का दर्जा खत्म करने के बाद शनिवार को वहां से होने वाले तकरीबन 3400 करोड़ रुपये के सामानों के आयात पर भी 200 फीसदी का भारी-भरकम शुल्क थोप दिया।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 17 Feb 2019 3:57 AM GMT

भारत ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, उत्पादों के आयात पर लगाया 200% शुल्क
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नई दिल्ली: भारत ने पुलवामा हमले के बाद तमाम कृटनीतिक मोर्चों पर पाकिस्तान को घेरने के साथ ही उसकी आर्थिक घेराबंदी भी शुरू कर दी है। शुक्रवार को पड़ोसी देश का ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन)’ का दर्जा खत्म करने के बाद शनिवार को वहां से होने वाले तकरीबन 3400 करोड़ रुपये के सामानों के आयात पर भी 200 फीसदी का भारी-भरकम शुल्क थोप दिया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तत्काल प्रभाव से यह शुल्क वृद्धि लागू किए जाने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से एमएफएन दर्जा वापस ले लिया है।

इसके चलते पाकिस्तान से भारत निर्यात किए जाने वाले सभी उत्पादों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में तत्काल प्रभाव से 200 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, भारत अभी कई उत्पादों के व्यापार को पूरी तरह प्रतिबंधित भी करने पर विचार कर रहा है। बता दें कि भारत ने शुक्रवार को विश्व व्यापार संगठन के सुरक्षा अपवाद नियम के तहत पाकिस्तान का एमएफएन दर्जा खत्म कर दिया था। भारत की तरफ से 1996 में पाकिस्तान को यह दर्जा देकर बेसिक कस्टम ड्यूटी में अभी तक भारी छूट दी जा रही थी।

इस तरह लगेगा पड़ोसी को झटका

- 2017-18 में तकरीबन 3482.3 करोड़ रुपये का निर्यात किया था पाकिस्तान ने भारत को

- सबसे ज्यादा आयात किए जाने वाले फलों पर 30 से 50 फीसदी और सीमेंट पर 7.5 फीसदी था अभी शुल्क

- 200 फीसदी शुल्क बढ़ोतरी के बाद इनके दाम हो जाएंगे अब भारतीय फलों व सीमेंट के मुकाबले बेहद महंगे

- महंगे होने से भारत में नहीं रहेगी इनकी मांग, जिससे हमारे देश से पाकिस्तान की आय का यह जरिया बंद हो जाएगा

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ऐसा है दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा

37 अरब डॉलर तक दोनों देशों के बीच व्यापार होने की क्षमता आंकी थी विश्व बैंक ने

2.41 अरब डॉलर का ही व्यापार हुआ था 2017-18 में दोनों देशों के बीच

1.92 अरब डॉलर का निर्यात किया था भारत ने पाक को, जबकि 488.5 मिलियन डॉलर का किया था आयात

2018-19 में अप्रैल से अक्तूबर के बीच भारत ने निर्यात किया था 1.18 अरब डॉलर का, जबकि पाक से सामान मंगाया था 338.66 अरब डॉलर का

पाकिस्तान से आने वाले मुख्य उत्पाद

ताजे फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, थोक खनिज व अयस्क, तैयार चमड़ा, संसाधित खनिज, ड्राई फ्रूट्स,इनऑर्गेनिक कैमिकल, कच्ची कपास, मसाले, ऊन, रबर उत्पाद, एल्कोहल पेय, मेडिकल उपकरण, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक, रंगाई की डाई और खेल उत्पाद।

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भारत से जाने वाले मुख्य उत्पाद

चीनी, कच्ची कपास, सूती धागा, कैमिकल, प्लास्टिक, हस्तनिर्मित धागा और रंगाई की डाई।

अब क्या कर सकता है पाकिस्तान

1996 में खुद को एमएफएन दर्जा मिलने के बावजूद पाकिस्तान ने कभी भारत को यह दर्जा नहीं दिया। उसकी तरफ से महज ऐसा किए जाने की बात कही की जाती रही है। पाकिस्तान ने पहले ही 1209 वस्तुओं के भारत से आयात पर प्रतिबंध लगा रखा है। महज 138 भारतीय उत्पाद ही वहां निर्यात होते हैं, जिन पर एमएफएन दर्जा नहीं होने से पहले ही भारी शुल्क लागू है। संभावना महज इतनी है कि पाकिस्तान इन उत्पादों पर शुल्क बढ़ोतरी कर सकता है।

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