नोटबंदी: स्थाई समिति ने पूछा- कितने पुराने नोट जमा हुए? RBI गवर्नर ने कहा- गिनती जारी है

अर्थव्यवस्था बचाने के लिए बैंकों का पुनर्पूंजीकरण अनोखा कदम : पटेल

अर्थव्यवस्था बचाने के लिए बैंकों का पुनर्पूंजीकरण अनोखा कदम : पटेल

नई दिल्ली: नोटबंदी को लेकर हर किसी के मन में एक सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सरकार के पास कितने रुपए पुराने नोट के रूप में आए। लेकिन इस सवाल के जवाब के लिए अभी और इंतजार करना होगा। क्योंकि, फिलहाल इसका जवाब अभी न तो सरकार के पास है और न ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानि आरबीआई के पास।

बुधवार को जब आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल संसद की वित्त मामलों की स्थाई समिति के सामने पेश हुए तो ज्यादातर सदस्यों ने उनसे यही सवाल पूछा। इस पर उर्जित ने सदस्यों को बताया कि ‘नोटबंदी के समय 17.7 लाख करोड़ रुपए की मुद्रा बाजार में थी। इनमें ज्यादातर 500 और 1,000 रुपए के नोट थे। लेकिन इसमें से कितने रुपए पुराने नोट के रूप वापस आ चुके हैं, इसका जवाब उर्जित पटेल ने गोलमोल ही दिया।

नेपाल-भूटान से अब भी आ रहे पुराने नोट
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पुराने नोटों के आने का सिलसिला अभी भी जारी है। गिनती अभी पूरी नहीं हुई है। सदस्यों के सवाल पर उर्जित पटेल ने कहा, कि ‘नेपाल और भूटान से पुराने भारतीय नोट अभी भी आ रहे हैं। हाल में ही कॉपरेटिव बैंक को फिर से पुराने नोट जमा करने की अनुमति दी गई थी।’

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें उर्जित पटेल ने स्थाई समिति के सदस्यों के सवालों का क्या दिया जवाब ..

इतने नोटों को गिनना आसान नहीं
उर्जित पटेल ने कहा, कि ‘पुराने नोटों को गिनना आसान काम नहीं है। नोटों को तेजी से गिनने के लिए कर्मचारी रात-दिन काम कर रहे हैं। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें भी खरीदी गई हैं।’

सुप्रीम कोर्ट के सवाल पर भी गोलमोल जवाब
जब स्थाई समिति के सदस्यों ने जानना चाहा कि नोट गिनने का काम कब तक पूरा हो जाएगा? इस पर उर्जित पटेल ने कहा, कि ‘इस बारे में ठीक-ठीक अभी नहीं कहा जा सकता।’ समिति के कुछ सदस्यों ने आरबीआई गवर्नर से यह भी जानना चाहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पुराने नोट दोबारा जमा किए जाने का मौका देने के बारे में सरकार से जो सवाल पूछा है, उसमें उनकी क्या राय है? इस सवाल पर भी उर्जित पटेल ने कोई साफ-साफ जवाब नहीं दिया।

‘क्रिप्टो करेंसी’ भारत में गैर कानूनी
स्थाई समिति की बैठक में ‘बिटकॉइन’ का मामला भी उठा। कई सदस्यों ने सवाल उठाया कि अगर यह करेंसी भारत में गैर कानूनी है तो इसका ऐड एक अंग्रेजी अखबार में प्रमुखता से कैसे छप गया? इस पर उर्जित पटेल ने सफाई दी, कि ‘रिजर्व बैंक पहले ही कह चुका है कि ‘क्रिप्टो करेंसी’ भारत में गैर कानूनी है। सदस्यों ने मांग की, कि इस बारे में एफआईआर दर्ज कराई जाए।

बता दें, कि स्थाई समिति 17 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र के दौरान नोटबंदी पर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।