शब्बीर का हाफिज कनेक्शन, आतंक के लिए पाक से मिलता था पैसा

कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के खिलाफ इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी।

Published by tiwarishalini Published: September 23, 2017 | 7:09 pm
Modified: September 23, 2017 | 7:25 pm
शब्बीर का हाफिज कनेक्शन, आतंक के लिए पाक भेजता था पैसा

नई दिल्ली: कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के खिलाफ इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी। चार्जशीट में बताया गया है कि पाकिस्तान के आतंकी जमात-उद दावा के चीफ हाफिज सईद के साथ भी शब्बीर शाह के कनेक्शन हैं। ईडी के मुताबिक शाह ने स्वीकार किया है कि वह कश्मीर मामलों को लेकर हाफिज सईद से फोन पर बात करता रहा है। कश्मीर के बड़े अलगाववादी नेताओं में शब्बीर शाह (64) का भी नाम शामिल है। शाह डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी का चेयरमैन है।

ईडी ने 2005 के मनी लॉन्ड्रिंग केस में टेरर फंडिंग और पाकिस्तान के हवाला डीलर से संपर्क को लेकर शब्बीर शाह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एडिशनल सेशन जज सिद्धार्थ शर्मा के समक्ष पेश हुई चार्जशीट में कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी का भी नाम है। वानी भी फिलहाल शाह के साथ ही न्यायिक हिरासत में है।

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शाह को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 6 अगस्त को मोहम्मद असलम वानी को भी गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी। वानी ने दावा किया था कि उसने शब्बीर शाह को पाकिस्तान के हवाला ऑपरेटर शफी शायर के जरिये आए हुए 2.25 करोड़ रुपए दिए थे। इसके बाद ईडी ने दोनों पर प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।

ईडी ने चार्जशीट में और क्या बताया ?
शाह ने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से फंड इकट्ठा कर उसे जम्मू-कश्मीर और भारत के दूसरे हिस्सों में आतंकवाद को फैलाने में भी लगाया। शाह की पत्नी डॉ. बिलकिस भी टेरर फंडिंग के लिए हवाला के रास्ते पैसा जुटाने में शामिल थी।

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ईडी की चार्जशीट के मुताबिक शब्बीर शाह ने पूछताछ में बताया है कि उसकी हाफिज सईद से फोन पर आखिरी बार बातचीत इसी साल जनवरी में हुई थी।

वह कश्मीर के लोगों और अपने शुभचिंतकों से सारा पैसा कैश में लेता था। हर साल 8-10 लाख रुपए इस तरह पार्टी फंड में लिए जाते थे।

शाह ने पूछताछ में यह माना कि उसकी खुद की कमाई का जरिया कुछ नहीं था और इसीलिए वह इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भी फाइल नहीं करता था।

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