West Bengal News: बंगाल में बुलडोजर का ‘खेला’ क्यों? शुभेंदु सरकार के एक्शन पर मचा सियासी घमासान

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार बनने के बाद बुलडोजर कार्रवाई तेज हो गई है। कोलकाता समेत कई इलाकों में अवैध निर्माण हटाए गए, जिस पर सियासत भी गरमा गई है।

Harsh Sharma
Published on: 24 May 2026 7:49 PM IST
West Bengal News: बंगाल में बुलडोजर का ‘खेला’ क्यों? शुभेंदु सरकार के एक्शन पर मचा सियासी घमासान
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West Bengal News: पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद अब बुलडोजर कार्रवाई भी लगातार चर्चा में बनी हुई है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के नेतृत्व में राज्य सरकार अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। सरकार का दावा है कि यह कार्रवाई सिर्फ अवैध ढांचों को हटाने के लिए की जा रही है, जबकि विपक्ष इसे “बुलडोजर राजनीति” बता रहा है।

कोलकाता में कई जगह चला बुलडोजर

रविवार को राजधानी कोलकाता के तिलजाला, कस्बा और बेलेघाटा समेत कई इलाकों में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया। नगर निगम और प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कई ढांचों को गिराया। अधिकारियों के मुताबिक ये निर्माण नगर निगम के नियमों के खिलाफ बनाए गए थे। बेलेघाटा इलाके में एक ऐसी इमारत को भी गिराया गया, जिसका संबंध कथित तौर पर टीएमसी नेता राजू नस्कर से बताया जा रहा है। वहीं कस्बा इलाके में जमीन घोटाले के आरोपी “सोना पप्पू” से जुड़े कुछ हिस्सों में भी कार्रवाई हुई। आरोप है कि वहां बिना अनुमति के पांच मंजिला इमारत बनाई गई थी।

ममता बनर्जी ने उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जानकारी दिए घरों और दुकानों को तोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि अगर कोई निर्माण अवैध भी है, तब भी लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। टीएमसी नेताओं ने इसे “बुलडोजर स्टेट” की राजनीति बताया है। पार्टी का कहना है कि गरीब फेरीवालों और छोटे दुकानदारों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

आग की घटना के बाद शुरू हुआ अभियान

बताया जा रहा है कि 12 मई को तिलजाला में एक चमड़ा फैक्ट्री में आग लगने के बाद यह अभियान तेज हुआ। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। जांच में फैक्ट्री के अवैध रूप से चलने की बात सामने आने के बाद सरकार ने कार्रवाई शुरू की। आग लगने के करीब 30 घंटे के अंदर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर फैक्ट्री को गिरा दिया। फैक्ट्री मालिक जफर निसार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। इसके बाद तिलजाला और आसपास के इलाकों में कई अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई।

रेलवे स्टेशन और सरकारी जमीन पर भी एक्शन

हावड़ा और सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर भी अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया गया। यहां कई अस्थायी दुकानें और स्टॉल हटाए गए। कुछ फेरीवालों ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले नोटिस नहीं दिया गया था। इसके अलावा नंदीग्राम और बर्नपुर में भी सरकारी जमीन पर बने अवैध ढांचों को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश और सरकारी जमीन खाली कराने के लिए यह कार्रवाई की गई।

बुलडोजर कार्रवाई पर बढ़ी राजनीति

बुलडोजर एक्शन को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि सरकार डर और दबाव की राजनीति कर रही है। वहीं राज्य सरकार का दावा है कि अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सरकार का कहना है कि जिन लोगों ने नियमों के खिलाफ निर्माण किए हैं या सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

Harsh Sharma

Harsh Sharma

Content Writer Mail ID - harsha4avan@gmail.com

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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