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'भोजपुरी हमार माँ – मनन, मंथन और मंतव्‍य': जोर-शोर से उठी भोजपुरी के संवैधानिक मान्‍यता की मांग

भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग एक बार फिर बहुत जोर-शोर से उठाई गई है । अवसर था इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में विश्व भोजपुरी सम्मेलन व भोजपुरी समाज दिल्‍ली के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्‍ट्रीय मातृ भाषा दिवस के अवसर पर आयोजित 'भोजपुरी हमार माँ – मनन, मंथन और मंतव्‍य' विषयक विचार गोष्‍ठी का।

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 21 Feb 2019 5:01 PM GMT

भोजपुरी हमार माँ – मनन, मंथन और मंतव्‍य: जोर-शोर से उठी भोजपुरी के संवैधानिक मान्‍यता की मांग
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नई दिल्‍ली: भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग एक बार फिर बहुत जोर-शोर से उठाई गई है । अवसर था इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में विश्व भोजपुरी सम्मेलन व भोजपुरी समाज दिल्‍ली के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्‍ट्रीय मातृ भाषा दिवस के अवसर पर आयोजित 'भोजपुरी हमार माँ – मनन, मंथन और मंतव्‍य' विषयक विचार गोष्‍ठी का। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने कहा कि भोजपुरियों में बहुत ऊर्जा है। उस ऊर्जा का सदुपयोग होना चाहिए। भोजपुरी को मान्यता मिलना चाहिए। उसमें अच्छे साहित्य की रचना होनी चाहिए।

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भोजपुरी की मान्यता से हिंदी को बल मिलेगा

राम बहादुर राय ने कहा कि जो भोजपुरी का विरोध कर रहे हैं उन्हें आपस में पहले दो-चार दस दिन तार्किक चर्चा कर लेनी चाहिए। भोजपुरी भाषियों का अधिकार है कि उसे मान्यता मिले। उन्होंने आगे कहा कि भोजपुरी की मान्यता से हिंदी को बल मिलेगा। आज के समय में यह गर्व का विषय है कि भोजपुरी विश्व स्तर और अपनी पहचान बना रही है। हमें भी इसे समृद्ध करने में निरंतर कोशिश करना चाहिए।

सभी छोटी भाषाओं को भी मान्यता मिले ताकि सबका समूचित विकास हो

ओंकारेश्वर पाण्डेय ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि मैं तो कहता हूँ, भोजपुरी ही क्यों, सभी छोटी भाषाओं को भी मान्यता मिले ताकि सबका समूचित विकास हो। प्रो. सदानंद शाही ने कहा कि भारत एक सम्पन्न देश है। यहाँ भाषा समस्या नहीं, संपत्ति है। अतिथियों द्वारा इस अवसर पर विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भोजपुरी समाज दिल्‍ली के अध्‍यक्ष अजीत दुबे द्वारा लिखित पुस्‍तक 'तलाश भोजपुरी भाषायी अस्मिता की' के संशोधित संस्‍करण का विमोचन भी किया गया ।

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विनयमणि त्रिपाठी ने आगंतुकों का स्वागत किया तत्पश्चात अजीत दुबे ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम झारखंड सरकार को राज्य में भोजपुरी को द्वितीय भाषा का दर्जा देने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही बिहार सरकार व जद (यू) को केंद्र सरकार के पास भोजपुरी की मान्यता के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए धन्यवाद दिया तथा उन्होंने बिहार सरकार व उत्तर-प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वे भी जल्द से जल्द भोजपुरी को द्वितीय भाषा का दर्जा देने की मांग की तथा आशा व्‍यक्‍त की कि वर्तमान सरकार जो कि भारतीय भाषाओं की पक्षधर है, भोजपुरी को संवैधानिक मान्‍यता जरूर प्रदान करेगी।

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मनोज तिवारी जी ने कहा कि आज या कल भोजपुरी संविधान की आठवीं अनुसूची में अवश्‍य शामिल होगी । गृहमंत्री जी भी इसके पक्ष में हैं।

विधायक आदर्श शास्‍त्री ने आश्‍वासन दिया कि दिल्‍ली सरकार अगले विधान सभा सत्र में भोजपुरी को संवैधानिक मान्‍यता देने संबंधी प्रस्‍ताव पारित करेगी और उसे केंद्र सरकार के पास भेजकर केंद्र सरकार से भोजपुरी को संवैधानिक मान्‍यता देने की मांग करेगी।

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श्रीमती विजया भारती को 'भिखारी ठाकुर सम्मान'

उक्त कार्यक्रम में अनेक लोगों को सम्मानित भी किया गया। सम्मान के उसी क्रम में पिछले दशक में आउटस्टेंडिंग परफॉर्मेंस करने के लिए लोक-गायिका श्रीमती विजया भारती को 'भिखारी ठाकुर सम्मान' से सम्मानित किया गया तदुपरांत मातृभाषा के संरक्षकण-संवर्धन में संलग्न तीन पत्रिकाओं के संपादकों को भी सम्मानित किया गया। 'पाती' के लिए डॉ. अशोक द्विवेदी, 'भोजपुरी साहित्य सरिता' के लिए श्री जयशंकर प्रसाद द्विवेदी व अपने आप में अद्भुत कार्य करने वाली पत्रिका 'सर्व भाषा' के लिए केशव मोहन पाण्डेय को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का समापन मनोज तिवारी के देशभक्ति गीत से हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रो. संजीव तिवारी ने किया तथा धन्‍यवाद प्रस्‍ताव डॉ. मनीष चौधरी व भोजपुरी समाज के महामंत्री एल. एस. प्रसाद ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में अरविंद चौबे, अशोक श्रीवास्तव, अजीत सिंह, लल्‍लन तिवारी, प्रदीप पाण्‍डेय, संयोजक , मंत्री सुभाष सिंह आदि सहित अनेक कवि, लेखक, वकील, अध्‍यापक, समाजसेवी, पत्रकार व अन्‍य बुद्धिजीवी उपस्थित थे ।

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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