दानवी शक्तियों पर भरोसा नहीं, मोदी और योगी बनवा सकते हैं मंदिर: वेदांती

कुंभ नगरी में राम मंदिर को लेकर गरमाई सियासत में शुक्रवार को हुई विश्व हिन्दू परिषद की धर्म संसद में आखिरकार भारतीय जनता पार्टी को समर्थन करने का खुलकर ऐलान कर दिया है। हालांकि इसे लेकर संतों में दो मत हो गए हैं।

दानवी शक्तियों पर भरोसा नहीं, मोदी और योगी बनवा सकते हैं मंदिर: वेदांती

आशीष पाण्डेय
कुंभ नगर: कुंभ नगरी में राम मंदिर को लेकर गरमाई सियासत में शुक्रवार को हुई विश्व हिन्दू परिषद की धर्म संसद में आखिरकार भारतीय जनता पार्टी को समर्थन करने का खुलकर ऐलान कर दिया है। हालांकि इसे लेकर संतों में दो मत हो गए हैं।

एक तरफ जहां तीन दिन पूर्व परम धर्म संसद के जरिए जगदगुरू शंकराचार्य स्वरूपानन्द सरस्वती ने किसी राजनैतिक दल के नहीं बल्कि संतों के बल पर भव्य राम मंदिर निर्माण का ऐलान करते हुए बसंत पंचमी के बाद अयोध्या कूच का ऐलान किया था। उसी के बाद हुई विहिप की धर्म संसद में सरसंघ चालक समेत भारी संख्या में संतों का जमघट लगा। जिसमें उपस्थित संतों को उम्मीद थी कि धर्म संसद के दूसरे दिन सरसंघ चालक  कोई बड़ा ऐलान करते हुए समय सीमा निर्धारित कर सकते हैं।

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लेकिन डा. राम विलास वेदांती ने संतों को धैर्य रखने का आश्वासन देते हुए खुले मंच पर ऐलान कर दिया कि देश में दो प्रकार की शक्तियां हैं एक दैवीय दूसरी दानवी। दानवीय शक्तियों पर मंदिर निर्माण को लेकर भरोसा करना संभव नहीं लेकिन हिन्दुओं की आस्था से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार मंदिर को लेकर संवेदनशील हैं और उन्हीं से मंदिर निर्माण की आशा है इसलिए हमें मोदी सरकार को एक अवसर और देना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि मोदी  ने अभी सुप्रीम कोर्ट में अविवादित जमीन को जमीन मालिकों को लौटाने की जो बात कही है वह मंदिर निर्माण की तरफ पहला कदम है। हमें जल्दबाजी नहीं करनी है और भाजपा सरकार को एक बार फिर मजबूती से बनवाना है। जिससे मंदिर निर्माण का मार्ग साफ हो और भव्य मंदिर निर्माण की परिकल्पना को साकार किया जा सके।