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अंबेडकर जयंती पर खुल गया राज, मायावती ने बताया क्यों पढ़ती हैं लिखा हुआ भाषण ...

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने डॉ. बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की 126वीं जयंती के मौके पर एक बड़ा राज खोला है।

tiwarishalini

tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 14 April 2017 8:12 AM GMT

अंबेडकर जयंती पर खुल गया राज, मायावती ने बताया क्यों पढ़ती हैं लिखा हुआ भाषण ...
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अंबेडकर जयंती पर खुल गया राज, मायावती ने बताया क्यों पढ़ती हैं लिखा हुआ भाषण ...
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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने डॉ. बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की 126वीं जयंती के मौके पर एक बड़ा राज खोला है। मायावती ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि विरोधी पार्टियां हमेशा उनके बारे में यह तंज कसती हैं कि वह भाषण लिखा हुआ भाषण पढ़ती हैं, लेकिन आज मैं इसका जवाब देना चाहती हूं।

अगली स्लाइड में जानिए आखिर क्यों मायावती लिखा हुआ भाषण पढ़ती हैं ?

क्यों मायावती लिखा हुआ भाषण पढ़ती हैं ?

-बसपा सुप्रीमो मायावती ने बताया कि वह लिखा हुआ भाषण क्यों पढ़ती हैं।

-उन्होंने कहा कि वह बिना पढ़े भी भाषण दे सकती हैं।

-मगर मौखिक भाषण देने पर उन्हें जोर से बोलना पड़ता है।

-उन्हें डॉक्टरों ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी है।

-इसका कारण बताते हुए मायावती ने कहा कि साल 1996 में कुछ कमियों की वजह से उनका एक ग्लैण्ड पूरी तरह से खराब हो गया था।

-जिसके बाद डाक्टरों ने आॅपरेशन से उसे निकाला।

-मायावती ने कहा कि उनके गले में एक ही ग्लैंड है जिसपर जोर लगाकर भाषण देना ठीक नहीं है।

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-मायावती ने कहा कि वह जो कुछ भी लिखकर पढ़ती हैं वह उनके अपने विचार होते हैं।

-मैं अपने भाषण खुद ही लिखती हूं।

-इसलिए आपको बहकावे में आकर अपने नेता का गला नहीं करना चाहिए।

-मायावती ने कहा कि जब भी वह डॉक्टर की सलाह ना मानकर जोर से भाषण पढ़ती हैं तो इसका बुरा असर उनपर पड़ता है।

-मुझे 10 से 12 दिन तक अंग्रेजी दवाइयां खानी पड़ती हैं।

अगली स्लाइड में जानिए और मायावती ने क्यों कहा- बीजेपी शराब की दुकानों को अमीरों के इलाके में खुलवा दे?

बीजेपी शराब की दुकानों को अमीरों के इलाके में खुलवा दे

-मायावती ने कहा कि जबसे यूपी में बीजेपी की सरकार बनी है तबसे ये सरकार जातिगत फैसले ले रही है।

-बूचड़खानों को बिना समय सील कर दिया गया।

-जिसके कारण इस काम में लगे हिंदू-मुस्लिम लोग बेरोजगार हो गए।

-रिहायशी इलाकों में महिलाएं शराब की दुकानों को बंद करवाने का काम कर रही हैं।

-लेकिन बीजेपी शराब की दुकान बंद नहीं करवाना चाहती।

-वह इसमें अपना फायदा देखिती है इसलिए वह एक्शन नहीं रही है।

-मायावती ने कहा कि बीजेपी को पता है कि जहां भी शराब की दुकानें खुली हैं वह दलित वर्ग ज्यादा हैं।

-इसलिए बीजेपी शराब की दुकानें बंद ना करवाकर दलितों को बर्बाद करना चाहती है।

-मायावती ने कहा कि हम चाहते हैं कि बीजेपी शराब की दुकानों को अमीरों के इलाके में खुलवा दे।

-लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं करेगी क्योंकि वह बीजेपी के रिश्तेदार हैं।

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आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज

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Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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