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उन्नाव गैंगरेप: देर रात कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया गवाह का शव

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 26 Aug 2018 3:34 AM GMT

उन्नाव गैंगरेप: देर रात कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया गवाह का शव
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लखनऊ: उन्नाव गैंगरेप मामले के गवाह यूनुस का शव शनिवार देर रात कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया। बीते बुधवार को संदिग्ध परीस्थितियों में यूनुस की मौत हो जाने के बाद उसके शव को स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। शव का अंतिम संस्कार करने से पहले परिवार ने पुलिस की इजाजत नहीं ली थी, वहीं यूनुस की मौत के बाद विवाद शुरू होने पर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को कब्र से निकलवाने का अनुरोध किया था।

इस पर परिजनों ने शव को कब्र से बाहर निकालने का विरोध करते हुए इसे शर्रियत के खिलाफ बताया था। इसके बाद परिवार के लोग शनिवार को सीएम योगी से मिलने लखनऊ पहुंचे थे। लखनऊ में परिवार की मांग के बाद भी जब उनकी मुलाकात सीएम से नहीं हुई तो परिजनों ने यहां मुख्यमंत्री आवास के सामने ही आत्मदाह करने का प्रयास किया, जिसके बाद लखनऊ पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

लखनऊ में इस पूरे घटनाक्रम के बीच ही पुलिस और उन्नाव जिला प्रशासन ने जांच के लिए शनिवार देर रात मुस्लिम धर्मगुरु की देखरेख में यूनुस का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं इस कार्रवाई के बाद माखी में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।

शनिवार देर रात हुई इस कार्रवाई के बारे में उन्नाव के एडीएम बीएन यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुस्लिम धर्मगुरू की देखरेख में यूनुस के शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। एडीएम ने कहा कि सभी नियमों का ध्यान रखते हुए पूरी कार्रवाई को काजी साहब की देखरेख में कराया गया है।

राहुल गांधी ने उठाए थे मौत पर सवाल

बता दें कि बुधवार को इस केस के गवाह यूनुस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा, 'उन्नाव रेप और मर्डर केस के मुख्य गवाह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और बिना पोस्टमॉर्टम दफनाए जाने से एक तरह की साजिश की बू आती है।' इसके बाद प्रशासन ने यूनुस के परिवार से शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति मांगी थी।

इसके बाद यूनुस के परिवार के लोग प्रशासन पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए शनिवार शाम योगी आदित्यनाथ से मिलने भी पहुंचे थे, लेकिन जब सीएम से इनकी मुलाकात नहीं हुई, तो इन सभी ने यहां मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया।



जहर देकर जान से मारने का था आरोप

गौरतलब है कि उन्‍नाव रेप केस में पीड़‍ित लड़की के प‍िता की 9 अप्रैल 2018 को माखी पुल‍िस स्‍टेशन में प‍िटाई के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में यूनुस चश्‍मदीद गवाह था। बुधवार को पीड़ित के चाचा ने कहा क‍ि रेप मामले में आरोपी व‍िधायक कुलदीप स‍िंह सेंगर के इशारों पर ही सबकुछ हो रहा है और यूनुस को जहर देकर मारा गया है।

गवाह की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस को दोनों पक्षों की ओर से प्रार्थना पत्र मिले थे, जिनके आधार पर पुलिस ने जांच के लिए शव का पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति मांगी थी। यूनुस के परिवार के लोग पहले इसके लिए राजी नहीं हुए थे, लेकिन इन सब के बाद भी पुलिस ने धर्मगुरू की देखरेख में शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

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