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मुन्ना बजरंगी मर्डर: वो 5 कारण जो माफिया बृजेश सिंह की तरफ कर रहे हैं इशारा!

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 9 July 2018 11:53 AM GMT

मुन्ना बजरंगी मर्डर: वो 5 कारण जो माफिया बृजेश सिंह की तरफ कर रहे हैं इशारा!
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लखनऊ: कुख्‍यात डॉन मुन्‍ना बजरंगी की रविवार सुबह बागपत जेल में गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। जेल के अंदर हुए इस हत्‍याकांड से प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस हत्‍याकांड की तफ्तीश कर रही पुलिस टीमों का मानना है कि इस हत्‍या के पीछे पूर्व बीजेपी विधायक कृष्‍णानंद राय हत्‍याकांड हो सकता है। हालांकि अभी इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एसटीएफ इस एंगल पर भी वर्कआउट कर रही है।

अभी तक जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है, उसके मुताबिक माफिया सुनील राठी के गुर्गों द्वारा हत्‍या की बात बताई जा रही है। इधर यह खबर भी है कि सुनील राठी की हाल ही में बृजेश सिंह गैंग से नजदीकियां बढ़ गई थीं। सुनील राठी जहां मुन्‍ना बजरंगी का दुश्‍मन था तो वहीं बृजेश सिंह गैंग से भी कृष्‍णानंद राय हत्‍याकांड के चलते मुन्‍ना बजरंगी की अदावत बढ़ गई थी।

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बृजेश सिंह के लिए खास थे कृष्‍णानंद राय

वर्ष 2005 में 29 जुलाई को पूर्व बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कर दी गई थी। कृष्‍णानंद राय माफिया बृजेश सिंह के खास थे। कृष्‍णानंद राय के मर्डर के वक्‍त बृजेश सिंह फरार चल रहे थे। इस हत्याकांड में डॉन मुख्तार अंसारी के साथ मुन्ना बजरंगी और शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का नाम सामने आया था। ऐसा माना जा रहा था कि बृजेश सिंह गैंग इस हत्‍याकांड का जल्‍द ही बदला लेगा। लेकिन इसके बाद 2009 के जुलाई माह में दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने माफिया बृजेश सिंह को अरेस्‍ट किया। इसके ठीक बाद मुन्‍ना बजरंगी की गिरफ्तारी भी दिल्‍ली से हुई। तबसे जेल में ही रहकर इन्‍होंने अपने साम्राज्‍य को बढ़ाया।

सुनील राठी की बढ़ी बृजेश सिंह गैंग से करीबी

इतना ही नहीं माफिया अनिल दुजाना जब बांदा जेल में बंद था तो डॉन मुन्‍ना बजरंगी की उससे काफी छनने लगी थी। दूसरी तरफ बृजेश सिंह की नजदीकी एक 50 हजार के ईनामी सुशील मूंछ से याराना हो गया। सुनील राठी का सुशील मूंछ के साथ अच्‍छा उठना बैठना था। इसी के बाद सुनील राठी बृजेश सिंह गैंग के करीब आ गया।

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धंधे में भी हुआ टकराव

पूर्वांचल में ठेकेदारी और जरायम के धंधों को लेकर माफियाओं में टकराव होता रहता है। इतना ही नहीं कई माफिया आपसी समझ से इन टकरावों से बचते भी रहते हैं। इसी के चलते मुख्‍तार अंसारी और बृजेश सिंह में जहां आपसी समझ हो गइ। वहीं बिजनेस, ठेकेदारी और जरायम के धंधों को लेकर मुन्‍ना बजरंगी और धनंजय सिंह में ठन गई। मुन्‍ना बजरंगी ने इस दुश्‍मनी में कभी खुलकर कुछ नहीं किया लेकिन जब लखनऊ में मुन्‍ना बजरंगी के साले पुष्‍पजीत और उनके ठेकेदारी के काम को संभालने वाले तारिक की हत्‍या हुई तो धनंजय सिंह का नाम सामने आने लगा। इसके बाद जब बृजेश सिंह एमएलसी बने तो धनंजय सिंह से उनकी नजदीकी बढ़ती गई। धनंजय सिंह और बृजेश सिंह में दोस्‍ती को भी मुन्‍ना बजरंगी के मर्डर एंगल से जोड़ के पुलिस वर्कआउट कर रही है।

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सुनील राठी के बागपत आने की थी खबर

मुन्‍ना बजरंगी के परिजनों को सुनील राठी के बागपत आने की खबर थी। इसी जेल में बृजेश सिंह गैंग और सुनील राठी में दोस्‍ती गहरी हुई थी। इसके बाद जब मुन्‍ना बजरंगी को पेशी के लिए बागपत जाने की बात हुई तो परिजन इस पेशी को टालने में लग गए। वकील ने भी कोर्ट में दलील देकर इस पेशी को रोकने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन मुन्‍ना बजरंगी को बागपत आना ही पडा।

मुख्‍तार कनेक्‍शन भी पड़ा कमजोर

मुन्‍ना बजरंगी ने लोकसभा चुनावों में गाजीपुर सीट से अपना एक डमी कैंडीडेट खड़ा करने का प्रयास किया था। इतना ही नहीं मुन्‍ना बजरंगी गाजीपुर से एक महिला को बीजेपी का टिकट दिलाने की कोशिश कर रहा था। इसके चलते मुख्‍तार अंसारी उससे नाराज चल रहे थे। इसी वजह से मुख्‍तार उसके लोगों की मदद नहीं कर रहे थे। इसके चलते मुन्‍ना बजरंगी का मुख्‍तार कनेक्‍शन भी कमजोर पड़ता गया। एसटीएफ इस एंगल पर भी वर्कआउट करने में लगी है।

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