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कड़क योगी सरकार यहाँ फुस्स क्यों! इन 2 अनुशासनहीन IPS अफसरों पर इतना करम क्यों

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 19 July 2017 4:44 PM GMT

कड़क योगी सरकार यहाँ फुस्स क्यों! इन 2 अनुशासनहीन IPS अफसरों पर इतना करम क्यों
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शारिब जाफरी

लखनऊ : यूपी के दो आईपीएस अफसरों पर उनकी मनमानी भारी पड़ी है। आगरा और गौतमबुद्धनगर से हटाए जाने के बाद यह दोनों ही अफसर बिना किसी की इजाज़त लिए डेढ़ माह तक लापता रहे। नतीजतन, आला अफसरों ने उनकी सर्विस की यह अवधि एलडब्लूपी (अवैतनिक अवकाश) मान ली, और इस लिहाज से दस्तावेज़ों में कार्रवाई आगे बढ़ा दी गई। पुलिस महानिदेशक स्तर से हुई इस कार्रवाई के बाद महकमे में हडकंप मचा है।

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अब एसएसपी मथुरा नितिन तिवारी भी इन्हीं के नक़्शेक़दम पर चल पड़े हैं। तबादले के बाद वह नई तैनाती स्थल (एसएसपी मथुरा) पर गए ज्वाइन भी किया लेकिन फिर लंबी छुट्टी पर चले गए। यही कारण है कि अब उन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

डेढ़ माह तक लापता रहे 2 आईपीएस अफसर

2004 बैच के आईपीएस डा. प्रितेन्दर सिंह और पुलिस अधीक्षक डा भीम राव अम्बेडकर एकेडमी के पद पर तैनात धर्मेंद्र सिंह डेढ़ माह तक लापता रहे। बीते महीने प्रतिन्दर सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आगरा के पद से हटा कर पुलिस महानिदेशक कार्यालय से सम्बद्ध किया गया था। आगरा से हटाए जाने के बाद प्रतिन्दर सिंह लापता हो गए, काफी तलाश के बाद भी प्रतिन्दर सिंह का सुराग नहीं मिला। डेढ़ माह बाद प्रतिन्दर ने डीजीपी आफिस पहुँच अफसरों से संपर्क साधा। पर वह उस डेढ़ माह कहाँ थे ये न बता सके। हालांकि उस के बाद उन्हें 9वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक और फिर एसएसपी मुरादाबाद बना दिया गया।

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कुछ इसी तरह की मनमानी 2006 बैच के आईपीएस अफसर धर्मेन्द्र सिंह ने भी की। नोयडा से हटाए जाने के बाद जब उन्हें पुलिस महानिदेशक कार्यालय से सम्बद्ध किया गया, इस दौरान वो कहां रहे इस का कोई हिसाब नही दे सके। सूत्रों के मुताबिक़ डेढ़ माह तक लापता रहे, इन दोनों ही अफसरों को नोटिस जारी कर डेढ़ माह तक गायब रहने की वजह पूछी गई। जिस पर दोनों ही अफसर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। जिस के चलते इन दोनों अफसरों को डेढ़ माह का अवैतनिक अवकाश दे दिया गया है।

कैसे स्वीकृत हुआ अवैतनिक अवकाश?

यूपी पुलिस में इन दोनों अफसरों को मिले अवैतनिक अवकाश की चर्चा ज़ोरों पर है। कई अफसर सवाल उठा रहे हैं कि जब बिना अवकाश लिए यह अफसर लापता रहे हैं तो फिर सर्विस ब्रेक के बजाये इन का अवैतनिक अवकाश कैसे स्वीकृत कर दिया गया है। इस मामले पर डीजीपी आफिस का कोई भी अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

एसएसपी मथुरा लम्बी छुट्टी पर गए

यूपी पुलिस में अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन जब कोई एक अफसर मनमानी करने के बाद बच निकलता है, तो दूसरों का हौसला भी बुलंद होता है। प्रतिन्दर और धर्मेन्द्र को मिले क्षमादान के बाद आईपीएस अफसर नितिन तिवारी भी अब मनमानी पर उतर आये हैं। नितिन तिवारी को एसएसपी वाराणसी के पद से हटा कर एसएसपी मथुरा बनाया गया है, नितिन मथुरा जाने को तैयार नहीं थे। लेकिन आदेश जारी होने के बाद उन्होंने मथुरा पहुँच कर कार्यभार ग्रहण ज़रूर किया, लेकिन उस के बाद से वह लगातार छुट्टी पर हैं।

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चर्चा यह भी है, कि छुट्टी ख़त्म होने के बाद नितिन तिवारी ने अपनी छुट्टी बढ़वा ली हैं। नितिन की मथुरा में काम नहीं करने की ज़िद के बाद अब शासन ने भी मथुरा में नए पुलिस कप्तान को तैनात करने का मन बना लिया है। इस के लिए कई आईपीएस अफसरों ने अपनी जुगत लगानी भी शुरू कर दी है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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