×

शोपियां फायरिंग: SC ने मेजर आदित्य के खिलाफ जांच पर लगाई रोक

aman

amanBy aman

Published on 5 March 2018 12:30 PM GMT

शोपियां फायरिंग: SC ने मेजर आदित्य के खिलाफ जांच पर लगाई रोक
X
शोपियां फायरिंग: SC ने मेजर आदित्य के खिलाफ जांच पर लगाई रोक
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

नई दिल्ली: शोपियां में हुई गोलीबारी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (05 मार्च) को सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मेजर आदित्य के खिलाफ सभी जांच पर रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 24 अप्रैल को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज केस पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने केंद्र व जम्मू-कश्मीर सरकार से दो हफ्तों में जवाब मांगा है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मेजर आदित्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए। बता दें, कि पुलिस ने सेना के मेजर आदित्य कुमार पर दर्ज की गई एफआईआर को खारिज करने की मांग करते हुए उनके पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

क्या था मामला?

इस मामले पर लेफ्टिनेंट कर्नल करमवीर सिंह ने कहा, '10 गढ़वाल राइफल्स में मेजर उनके बेटे को एफआईआर में गलत ढंग से नामजद किया गया है।' यह घटना अफस्पा वाले एक क्षेत्र में सैन्य ड्यूटी पर जा रहे सैन्य काफिले से जुड़़ी है। इस सैन्य काफिले को भीड़ ने घेरकर उसपर पथराव किया था। इस पथराव में कई सैन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।दरअसल, शोपियां के गनोवपोरा गांव में जब सैन्य कर्मियों ने पथराव कर रही भीड़ पर गोलियां चलाई थीं, तब दो नागरिक मारे गए थे। उसके बाद मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच का आदेश दिया था।

अर्जी में ये कहा गया

करमवीर सिंह की अर्जी कहती है कि उनके बेटे का इरादा मात्र सैन्य कर्मियों और सरकारी संपत्ति को बचाना था। हिंसक भीड़ से बचने के लिए ही गोलियां चलायी गई थी। इस अर्जी में ये भी कहा गया है कि सेना ने भीड़ से वहां से चले जाने, सेना के काम में बाधा नहीं डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने का अनुरोध किया था। बावजूद इसके जब स्थिति नियंत्रण से बाहर चली गई तब चेतावनी जारी की गई।

...इसलिए चलायी गई गोलियां

अर्जी में ये भी कहा गया है, कि इन हालातों में जब हिंसक भीड़ ने एक जूनियर कमीशन प्राप्त अधिकारी को पकड़ लिया गया और उसे पीट-पीटकर मारने की कोशिश हुई तो भीड़ को हटाने के लिए चेतावनी में गोलियां चलाई गई। इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मेजर आदित्य के खिलाफ आज सभी जांच पर रोक लगा दी।

aman

aman

अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

Next Story