क्या आप भी नारियल तेल से हर दिन करते हैं शिशु की मालिश तो जरुर दें इन बातों पर ध्यान

लखनऊ: चाहे मौसम कोई भी हो नवजात शिशुओं की मालिश हर मौसम में जरूरी होती है। बच्चे के विकास और मजबूती के लिए नारियल के तेल से मालिश जरूर करें। वैसे तो बहुत से तेल होते हैं जिससे आप बच्चे की मालिश कर सकते हैं।लेकिन सबसे बेहतर नारियल तेल होता है जिससे बच्चे का सर्वांगीण विकास संभव है।

अगर प्रतिदिन नारियल तेल से बच्चे की मालिश करें तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। इससे उनकी हड्डियां भी मजबूत होती हैं और वे रात में अच्छी तरह सोते हैं। इसके अलावा बच्चों के मालिश करने से मां और बच्चे के बीच एक नजदीकी संबंध बन जाता है अन्यथा माएं बच्चों को पकड़ने से डरती हैं।
आगे पढ़ें शिशु के लिए नारियल तेल के फायदे….

नवजात बच्चों को भी त्वचा संबंधी छोटी मोटी परेशानियां होती हैं। बच्चों को अक्सर क्रेडल कैप (स्किन रैश) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जो अतिसक्रिय त्वचा ग्रंथियों के कारण होता है। नारियल का तेल त्वचा को नमी प्रदान करता है, विशेष रूप से तब जब त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील हो। इससे एलर्जी रिएक्शन होने की संभावना बहुत कम होती है।

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ब्रेस्ट मिल्क में उपस्थित लॉरिक एसिड में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं और नवजात बच्चे के संरक्षण का यही एकमात्र स्त्रोत होता है अन्यथा बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रह जाती है। अत: यह कोई संयोग नहीं है कि अधिकांश इन्फेंट फार्मूले में नारियल का तेल मुख्य घटक होता है क्योंकि इसमें लॉरिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

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नारियल तेल ट्राईग्लिसराईड्स से बना होता है जो पाचन की प्रक्रिया के लिए अच्छा होता है और यही कारण है कि यह बच्चे के आहार के लिए अच्छा होता है। नारियल तेल आसानी से पच जाता है और इसलिए पेट और पाचन संबंधी बीमारियों के लिए फायदेमंद है। नारियल तेल के रोजाना इस्तेमाल से शरीर की पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता भी बढ़ जाती है।
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ब्रेस्ट मिल्क की तरह नारियल तेल में भी लॉरिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। प्रेग्नेंट लेडी जो प्रतिदिन नारियल के तेल या नारियल के अन्य उत्पादों का सेवन करती हैं उनके ब्रेस्ट मिल्क में लॉरिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। नारियल के तेल के रोजाना इस्तेमाल से उनके शरीर में स्तनपान हेतु वसा का संचय हो जाता है और इससे उनके ब्रेस्ट मिल्क में लॉरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिससे नवजात शिशु का सेहत अच्छा होता है।