#metoo नहीं, चल रहा #kutoo अभियान, यहां फैशन नहीं,सिरदर्द बन गया है हाई हील्स

 जब हील पहन कर आप बैठे हैं तो अपनी सैंडल को थोड़ा ढीला कर लें. चाहे तो सैंडल खोलकर पैर फर्श पर रख लें. इससे आपको आराम मिलेगा। हील पहन कर ड्राइव न करें. बल्कि एक स्पेयर फ्लेट चप्पल या जूती रखें जिसे पहनकर आप ड्राइव कर सकें। 

जयपुर:  देश में हाई हील्स का चलन आज से देखने को नहीं मिल रहा है। बल्कि इसका सुरुर तो महिलाओं पर काफी पहले से चढ़ा हुआ हैं। जहां भारत में हाई हील्स महिलाओं के लिए एक ट्रेंड बन चुका है। वहीं जापान में हाई हील्स को लेकर महिलाओं ने एक मुहिम चलाई है। जापान में मीटू (#MeToo) की तर्ज पर इन दिनों ‘कुटू’( #Kutoo )अभियान चल रहा हैं। इस अभियान की शुरुआत अभिनेत्री और फ्रीलांस लेखक युमी इशिकावा ने की है।

बॉलीवुड की तरह  #MeToo अभियान शुरू किया गया था बिल्कुल वैसे ही जापान में #kuToo अभियान शुरू किया है।  जापान में कुत्सू का मतलब जूता होता है। दर्द के साथ इसे जोड़कर अभियान का नाम ‘हैशटैग कुटू’ रखा गया है। दरअसल यह अभियान महिलाओं की हाइ हील्स के खिलाफ शुरू किया गया है। जापान में ज्यादातर कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। इसके तहत पुरुषों को सूट और डार्क कलर के जूते और महिलाओं को स्कर्ट के साथ हाई हील्स पहनना जरूरी है।

जापान में महिलाओं को ऑफिसों में हाई हील्स पहनना अनिवार्य है। इस कारण महिलाएं परेशान थीं। एड़ी व पैर दर्द की शिकायतें बढ़ने लगीं। दफ्तर में काम के दौरान उनका मन नहीं लगता था। बस स्टॉप पर भी वह अक्सर इसी विषय पर बातचीत किया करती थीं।इन परेशानियों को देखते हुए 32 साल की अभिनेत्री व मॉडल यूमी इशिकावा ने एक पहल शुरू की। ‘हैशटैग मीटू’ अभियान की तरह ‘हैशटैग कुटू’ चलाया। लाखों लोगों ने इसे री-ट्वीट किया। अब इसने आंदोलन का रूप ले लिया है और महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी इसका समर्थन कर रहे हैं।

इस अभियान को शुरू करने का एक ही मकसद है कि महिलाएं काम पर जाएं तो वह जो चाहें वह पहन सकें। इस अभियान में लोग काफी भावुकता के साथ अपनी बातें रख रहे हैं। कई महिलाओं ने तो अपने पैरों की उंगलियों पर फफोले वाली तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। एक यूजर ने कहा कि- ‘यह अभियान जूते पसंद करने या न करने के बारे में नहीं है। मैं चाहता हूं कि हमारे समाज में एक ऐसा स्थान हो, जहां लोगों को अपनी पसंद के जूते पहनने की आजादी मिले।’

यहां एक याचिका पेश कर  ऑफिस में हाई हील्स की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की गई है। #KuToo अभियान जापानी शब्द ‘कुत्सु’ और ‘कुत्सू’ से बना है जिसका अर्थ जूता और दर्द है। दरअसल जापान में महिलाओं के लिए ऑफिस में हाई हील्स पहनना अनिवार्य है। जिससे उन्हें शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.।महिलाओं का कहना है कि हाई हील्स पहनने से उनकी कमर और एड़ियों में काफी दर्द रहता है।जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। साथ ही उनका कहना है कि हाई हील्स पहनने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए। यह एक महिला विरोधी मानसिकता है।

जापान में ड्रेसकोर्ड को लेकर चलाए जा रहे #Kutoo अभियान को काफी लोगों का समर्थन मिल रहा है. आपको बता दे कि जापान के ऑफिस में महिला और पुरुष दोनों के लिए ड्रेसकोर्ड अनिवार्य है. जहां महिलाओं को हाई हील्स पहनना ही है वहीं पुरुषों को फॉर्मल ड्रेस के साथ क्लीनशेव रहना जरूरी है।

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हाई हील्स  के नुकसान , करें ये उपाय

कॉरपरेट ऑफिस हो या फिर कोई इवेंट, बड़ी-बड़ी पार्टियां हो या फिर कोई शादी-ब्याह का समाहरोह, हर जगह ऊंची ऐड़ी वाली सैंडिल पहनी हुई लड़कियां इर्द-गिर्द घूमती नज़र आएंगी. लंबी लड़कियां हाई हील पहनकर जहां और लंबी और खूबसूरत लगने लगती हैं, वहीं छोटी कद की लड़कियों के लिए यह एक लम्बाई बढ़ाने का आसान तरीका है। हील्स का फैशन काफी पुराना है। इसे सदाबहार कहना भी गलत नहीं होगा।  लेकिन इसको पहनने के नुकसान भी है जो जीवन भर के लिए नासूर बन जाते हैं।

नुकसान-  हाई हील पहनने से स्पाइन पर बहुत असर पड़ता है. जिससे स्पाइन डिस्टर्ब होने का काफी डर होता है। ऊंची ऐड़ी सैंडिल पहनने से घुटनों की परेशानी होती है. क्योंकि हील पहनने पर शरीर का भार घुटनों पर पड़ता है जिसकी वजह से घुटनों में दर्द होना शुरु हो जाता है। इसे पहनने से शरीर का पोश्चर बिगड़ जाता है. जिससे आपको खड़े होने में दिक्कत होती है। हील पहनने की वजह से पैरों और उसके आस-पास के अंगो में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है. जिससे पैर की पिंडलियों में समस्या होने लगती है। इसे पहनने से कमर में परेशानी शुरु हो जाती है. हील की वजह से ज्यादा दबाव कमर और कुल्हे पर आता है. जिससे वहां पर दर्द की शिकायत होनी शुरु हो जाती है. साथ ही रीड़ की हड्डियों पर भी असर पड़ता है।

 उपाय – जब हील पहन कर आप बैठे हैं तो अपनी सैंडल को थोड़ा ढीला कर लें. चाहे तो सैंडल खोलकर पैर फर्श पर रख लें. इससे आपको आराम मिलेगा। हील पहन कर ड्राइव न करें. बल्कि एक स्पेयर फ्लेट चप्पल या जूती रखें जिसे पहनकर आप ड्राइव कर सकें। हील पहने रहने के दौरान इस बात का ध्यान रखें की हर आधे घंटे में अपनी सैंडल खोलकर कर पैरों को थोड़ा आराम दें। प्वाइंटेड हील्स वाली सैंडलों से बचे। हील्स उतारने के बाद पैरों की गर्म तेल से मालिश करें।

जापान में ड्रेसकोर्ड को लेकर चलाए जा रहे #Kutoo अभियान को काफी लोगों का समर्थन मिल रहा है. आपको बता दे कि जापान के ऑफिस में महिला और पुरुष दोनों के लिए ड्रेसकोर्ड अनिवार्य है. जहां महिलाओं को हाई हील्स पहनना ही है वहीं पुरुषों को फॉर्मल ड्रेस के साथ क्लीनशेव रहना जरूरी है।