Lifestyle

कोई भी फल सेहत के लिए अच्छा होता है। सीजनल फल तो लोग बड़े चाव से खाते हैं। क्योंकि जिस सीजन में जो फल होता है वह सस्ता मिलता है। इसे खाने  सेहत भी अच्छी रहती है। जैसे गर्मियों मे आम तरबूज, खरबूज अंगूर खूब खाएं जाते हैं।

माहवारी या पीरियड्स हर महिला के जीवन चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो एक नियत समय के बाद आते रहता है।इसक दर्द से हर महिला को गुजरना पड़ता हैं। वर्तमान समय पीरियड्स को लेकर खुलकर बातें होने लगी है, आज भी कई देशों में इससे जुड़ी अनोखी मान्यताओं को बढ़ावा दिया जाता हैं।

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना घर हो। एक दिन यह सपना सच हो भी जाता है और तब आदमी बेहद खुश होता है। वह दिनभर बाहर रहने के बाद सुकून भरे पल घर में बिताना चाहता है, लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता। वह जब घर में पहुंचता है तो छोटी-बड़ी बातों को लेकर घरों में विवाद बन जाती है। व्यक्ति परेशानियों के बीच रहने लगता है। 

देश में कोरोना की रफ़्तार तेज हो गयी है। भारत में कोरोना तीन लाख से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने देशवासियों के आगाह किया है

आजकल युवाओं में खासकर लड़कियों में अकेले रहने की टेंडेंसी बढ़ती जा रही है। आजकल की सेल्फ डिपेंडेंट लड़कियां अब किसी के साथ की बजाय अकेले रहने को ज्यादा तवज्जो दे रही है।

अभी कुछ दिनों पहले एक शो शुरु हुआ था  नॉटी पिंकी की... इस शो में नाटेपन को मेन स्ट्रीम में रखा गया था । कहने का मतलब कि आज के  समय में हर किसी को अच्छा और फैशनेबल दिखने की चाहत होती है।

कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत से ही बचाव के लिए हाथों को धोने और सैनिटाइज करने की सलाह दी जा रही है। तो चलिए जानते हैं कि कार के अंदर हैंड सैनिटाइजर रखना सुरक्षित है या नहीं।

गर्मियों  में सबसे ज्यादा असर चेहरे पर पड़ता है। इसलिए चेहरे की सफाई के लिए हम फेसवॉश लगाते हैं। मेल फीमेल दोनों इसका इस्तेमाल करते है। लेकिन रोजाना फेस वॉश से चहरे की सफाई करना अच्छा नहीं होता हैं औ

ऐसा माना जाता है कि सुबह का नाश्ता हेवी होना चाहिए और जरूर करना चाहिए। इससे तंदुरुस्ती बनी रहती है। सुबह के ब्रेकफास्ट में परांठे ज्यादा पसंद किए जाते हैं जो गर्मी के मौसम में सेहत के लिए सही नहीं हैं।

आज के युग में मोबाइल के बिना किसी का काम नहीं चलता। मोबाइल ने कई तरह से काम आसान किए हैं। यह एक नशा के समान भी हो चुका है। लोग फोन का इतना ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं कि अब तो रात को सोते-सोते मोबाइल देखते हैं