पावर कट को लेकर मनसे की महाराष्ट्र सरकार से रस्साकशी

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कल होने वाले राज्यव्यापी सम्मलेन को लेकर शिवसेना और मनसे के बीच थोड़ी रस्साकशी आज भी चलती रही। आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के महासचिव संदीप देशपांडे ने कल पावर सप्लाई बाधित होने से सम्बंधित एक मैसेज ट्वीट किया। सुबह 9.40 बजे भेजे गए इस मैसेज में 23 जनवरी को सुबह 9.30 बजे से 6 बजे शाम तक पावर सप्लाई के बाधित रहने की बात कही गई थी।

मनसे का राज्यव्यापी सम्मलेन को बाधित करने का आरोप

इस ट्वीट को बहुत बार रिट्वीट भी किया गया और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार मनसे के राज्यव्यापी सम्मलेन को बाधित करना चाहती है। वह चाहती है कि यह खबर भी ज्यादा न फैले और वह केबल प्रसरण पर भी इस माध्यम से रोक लगाना चाहती है। गोरेगाँव में यह राज्यव्यापी सम्मलेन होने वाला है और वहाँ एमएमआरडीए द्वारा मेट्रो के चल रहे कामों के बहाने ऐसा किया जा रहा है।

मनसे के सूत्रों से जब Newstrack ने बात की तो उन्होंने इस खबर की पुष्टि की। मनसे सूत्रों का कहना था कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कल होने वाले राज्यव्यापी सम्मलेन को बाधित करने के लिए सरकार जो चाहे कर ले। लेकिन राज ठाकरे जब लय में आ जाते हैं तो वह किसी के रोके नहीं रुकते।

Newstrack ने देर शाम महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के महासचिव संदीप देशपांडे से जब बात की तो उन्होंने कहा हाँ ऐसा कुछ किये जाने की सम्भावना तो थी, लेकिन छगन भुजबल जी ने बयान दिया है कि ऐसा कोई पावर कट कल यदि होने वाला है तो मनसे के सम्मलेन को देखते हुए होने नहीं दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि कल यानी 23 जनवरी को गोरेगाँव के नैशनल एक्सहिबिशन सेंटर मैदान में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का राज्यव्यापी सम्मेलन होने जा रहा है। पूरे दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में राज ठाकरे सुबह से ही उपस्थित रहेंगे और शाम पाँच से छह के बीच में उनका भाषण होगा। सुबह नौ बजे कार्यक्रम का शुभारम्भ राज ठाकरे करेंगे और उसके बाद दिन भर मनसे के वरिष्ट नेता मंच से अपने विचार साझा करेंगे। सम्पूर्ण महाराष्ट्र से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सैनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए इकठ्ठा हो रहे हैं। कार्यक्रम में महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति एवं पार्टी की भविष्य की नीतियों पर चर्चा होगी। मनसे का एक एक कार्यकर्ता एकदम व्यस्त नजर आ रहा है। और तैयारी ऐसी ही है, कि जिससे स्पष्ट रूप से समझ में आ रहा है कि यह सम्मलेन अत्यंत महत्वूर्ण है और मनसे कुछ बड़े बदलाव करने जा रही है।