जेएनयू की आग गेटवे ऑफ़ इंडिया तक पहुँची

Published by Mayank Sharma Published: January 6, 2020 | 1:04 pm
Modified: January 6, 2020 | 2:12 pm

जेएनयू में दमन के खिलाफ मुंबई

मुंबई, 6 जनवरी। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कल हुई घटनाओं का असर मुंबई पर भी पड़ा है। मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया पर कल रात से ही छात्रों का जमावड़ा देखा गया, जो यह खबर लिखे जाने तक भी चल रहा है। कल रात मुंबई में छात्रों का यह विरोध एक कैंडल मार्च से प्रारम्भ हुआ। कैंडल मार्च में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद एवं कुणाल कामरा भी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों को यहाँ गेटवे पर नारे लगाते हुए और विरोध गीत गाते हुए देखा गया। छात्रों के हुजूम ने यहाँ राष्ट्रीय ध्वज भी लहराए। गेटवे ऑफ़ इंडिया पर चल रहे विरोध प्रदर्शन की नारेबाजी में केंद्र सरकार के अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी निशाना बनाया गया। “हम जेएनयू के साथ” हैं एवं “छात्रों के खिलाफ अत्याचार बंद करो” जैसे प्लेकार्ड भी यहाँ नजर आ रहे हैं।

जेएनयू के समर्थन में गेटवे ऑफ़ इंडिया पर छात्रों का जमावड़ा

आज सुबह खबर के फैलने के साथ ही गेटवे ऑफ़ इंडिया पर छात्रों का यह जमावड़ा बढ़ने लगा है। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज, आईआईटी, मुंबई एवं मुंबई विश्विद्यालय के छात्रों की सक्रियता यहाँ देखी जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े स्तर पर यहाँ छात्रों को पहुँचने की अपील भी की जा रही है। कहा जा रहा है कि समय आ गया है जबकि हमें छात्र समूहों एवं मोर्चों के माध्यम से अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पड़ेगी। कृपया आइये और हमारे साथ शामिल होइए। सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी अपील जारी की गयी है कि यहां हमें भोजन, गर्म कपड़ों, समाचार पत्र एवं बहुत सारी चीजों की भी आवश्यकता है, कृपया इन चीजों की भी आप लोग व्यवस्था कीजिये।

ज्ञात हो कि कल मुंबई के यशवंतराव चह्वाण सेंटर में एक छात्र परिषद् का भी आयोजन एनसीपी एवं कांग्रेस की ओर से किया गया था। यह छात्र परिषद् CAA के खिलाफ आयोजित की गई। शिवसेना के आदित्य ठाकरे को भी इस छात्र परिषद् में आमंत्रित किया गया था, लेकिन आदित्य ठाकरे ने आखिरी समय पर इस परिषद् से अपने आप को अलग कर लिया और वे इसमें नहीं शामिल हुए।

जेएनयू के समर्थन में मुखर हुए सेलेब्रेटीस

वाम दाल गेटवे पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में अत्यंत मुखर हैं। खबर यह भी आ रही है कि अब इस विरोध प्रदर्शन में सिने सेलेब्रेटीस भी उतर रही हैं। रितेश देशमुख, स्वरा भास्कर एवं अनुराग कश्यप की इसमें शामिल होने की सम्भावना जताई जा रही है। पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से भी प्रदर्शन की ख़बरें आ रही हैं। ट्विटर पर भी यह विरोध काफी सक्रिय नजर आ रहा है। स्वरा भास्कर ने इस सन्दर्भ में कुछ वीडियोस भी डाले हैं जो तेजी के साथ वायरल हो रहे हैं। अनुराग कश्यप ने ट्विटर अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदल दी है, इस प्रोफाइल पिक्चर में नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह मुंह पर नकाब ओढ़े और हाँथ में लाठी लिए नजर आ रहे हैं।

संजय राउत भी हुए मुखर

इस बीच शिवसेना से संजय राउत का बयान भी इस सन्दर्भ में आया है उन्होंने कहा है कि देश में छात्र सुरक्षित नहीं और सरकार CAA में बिजी है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में कभी पुलिस यूनिवर्सिटी में घुस जाती है, कभी फायरिंग हो जाती है, तो कभी नकाबपोश लोग यूनिवर्सिटी में घुसकर छात्रों पर हमला कर देते हैं। आखिर ये चल क्या रहा है। ये पूरी तरह से कानून का उल्लंघन है और ये ठीक नहीं है।

आदित्य ठाकरे का बयान

जेएनयू हिंसा पर शिवसेना के आदित्य ठाकरे भी आक्रामक नजर आये हैं। उन्होंने कहा कि – नकाबपोश गुंडों को तो आतंकी ही कहना चाहिए। आदित्य ने कहा कि ऐसे हमलों की वजह से हमारे देश की इमेज पूरी दुनिया में खराब हो रही है। इस पर तय समय के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए, वरना विदेश के छात्र यहां पढ़ने नहीं आएंगे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस घटना पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नकाब के पीछे के चेहरों का सामने आना आवश्यक है। महाराष्ट्र में इस प्रकार की कोई घटना महाराष्ट्र सरकार नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि हम युवाओं पर हो रहे किसी भी प्रकार के अत्याचार का विरोध करते हैं।

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