नेहरू के नाम पर ना मनाओ बाल दिवस, तो कब नाम मनाएं ? हिंदू महासभा ने बताया है

हिंदू महासभा ने देश के पहले पीएम पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस (14 नवंबर) को बाल दिवस के रूप में मनाने का विरोध किया है।

Published by tiwarishalini Published: November 13, 2017 | 5:48 pm
Modified: November 13, 2017 | 5:56 pm
नेहरू के नाम पर ना मनाओ बाल दिवस, तो कब नाम मनाएं ? हिंदू महासभा ने बताया है

नेहरू के नाम पर ना मनाओ बाल दिवस, तो कब नाम मनाएं ? हिंदू महासभा ने बताया है

मेरठ : हिंदू महासभा ने देश के पहले पीएम पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस (14 नवंबर) को बाल दिवस के रूप में मनाने का विरोध किया है। हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष पंडित अशोक कुमार शर्मा ने सोमवार को कहा कि नेहरू ने जीवनभर कोई ऐसा महान काम नहीं किया, जिससें हम सभी अपने बच्चों को बाल दिवस मनाने के लिए मजबूर करें।

बता दें कि हिंदू महासभा द्वारा शारदा रोड पर अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यालय पर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन महासभा के जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल और महानगर अध्यक्ष भरत राजपूत ने किया। उन्होंने कहा कि हिंदू महासभा देश में जवाहर लाल नेहरू के नाम पर बाल दिवस का विरोध करती है और आगे भी करती रहेगी।

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हिंदू महासभा उपाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने देश के विभाजन के लिए जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा देश में लाखों हिंदुओं के कत्ले-आम और लाखों करोड़ों परिवारों को बेघर कराने वाले जवाहर लाल नेहरू के नाम पर बाल दिवस का आयोजन कराने का कोई औचित्य नहीं है। विदेशों में नेहरू का रोल भी भारत के आदर्शों के अनुरूप नहीं रहा है। बच्चों की भावनाओं को नेहरू से जोड़ना बहुत बुरी बात है।

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उन्होंने कहा कि अगर सरकार जरूरी समझती है तो फिर भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बाल दिवस मनाने की घोषणा करे। ताकि हमारे बच्चों में बचपन से ही देश को लेकर आदर, सम्मान पैदा हो, या फिर पं. दीनदयाल उपाध्याय, पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेई, एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर बाल दिवस मनाया जाए।

अशोक कुमार ने कहा कि नेहरू के कारण देश के संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को राजनीति से संन्यास लेना पड़ा। नेहरू ने अपने स्वार्थ के कारण देश के लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल को भी पीएम नहीं बनने दिया।