लोन लिए किसान को जेल भेजने पर योगी सरकार से नाराज कोर्ट, मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खेती के लिए लोन लेने वाले किसान को जेल भेजने पर नाराजगी जताई है और इस संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

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इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खेती के लिए लोन लेने वाले किसान को जेल भेजने पर नाराजगी जताई है और इस संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से पूछा है कि किसान को व्यावहारिक कैद में रखा गया था या उसे जेल भेजा गया था।

यह आदेश जस्टिस पीकेएस बघेल ने गाजीपुर के किसान अशोक कुमार की सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने याची के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक भी लगा दी है। इसके साथ ही जवाब के लिए राज्य सरकार को 28 जुलाई तक का समय दिया है।

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याचिका के अनुसार, याची ने खेती के लिए ऋण लिया था। ऋण चुकता नहीं कर पाने पर उसके खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र जारी हुआ और फिर उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया।

उसे 22 अप्रैल से पांच मई तक जेल में रखा गया, जो नियमानुसार गलत है। याचिका में कहा गया कि ऋण चुकता न कर पाना व्यावहारिक अपराध की श्रेणी में आता है और उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन अधिनियम व भूमि सुधार अधिनियम के तहत इस प्रकार के अपराध के लिए आरोपित को व्यावहारिक कैद में ही रखा जा सकता है। ऐसे मामले में आरोपित को सामान्य अपराधियों की तरह जेल भेजना गलत है।

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