लगता नहीं कि राजनीति में होगा रजनीकांत और कमल हासन का साथ

Published by aman Published: February 11, 2018 | 1:43 pm
Modified: February 11, 2018 | 4:09 pm
लगता नहीं कि होगा राजनीति में रजनीकांत और कमल हासन का साथ

विनोद कपूर
लखनऊ: साउथ के दो बड़े स्टार जिन्हें ‘भगवान’ का दर्जा प्राप्त है, वो राजनीति में भी एक होने वाले थे लेकिन बात बनती दिखाई नहीं दे रही। जी हां, बात हो रही है रजनीकांत और कमल हासन की। दोनों तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं। रजनीकांत ने तो इसके लिए लोगों से मिलना ओर इलाकों का दौरा भी शुरू कर दिया है, जबकि कमल हासन अपनी पार्टी के नाम की घोषणा इसी 21 फरवरी को करने वाले हैं।

तमिलनाडु की दो बड़ी पार्टी डीएमके और एडीएमके का वर्चस्व धीरे-धीरे कम हो रहा है। डीएमके प्रमुख करुणानिधि बीमारी और बढ़ती उम्र के कारण अब सक्रिय नहीं रह गए हैं, तो एआईएडीएमके की प्रमुख जयललिता की मौत हो गई है। जलललिता के निधन के बाद तो पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई भी तेज हो गई है। वहां की सरकार किसी तरह चल पा रही है। दूसरी ओर, डीएमके में भी वो बात नहीं है। ऐसे में जब रजनीकांत ने राजनीति में आने का ऐलान किया तो बीजेपी से उन पर डोरे डाले लेकिन दाल नहीं गली।

रजनीकांत चाहते हैं राजनीति में स्वच्छता
रजनीकांत ने साफ किया, कि वो राजनीति में पूरी स्वच्छता चाहते हैं। यदि भविष्य में चुनाव के बाद उनकी सरकार बनी और जनता से किए वायदे पूरे नहीं हुए तो वो सरकार को अलविदा भी कह सकते हैं। अब जब रजनीकांत और कमल हासन ने अलग-अलग राजनीति में आने का फैसला किया, तो ये सवाल भी उठा कि क्या दोनों साथ आकर तमिल राजनीति में आई शून्यता को भर पायेंगे। कमल हासन ने तो पहले अपनी ओर से सकारात्मक जवाब दिया, कि वो साथ आने के लिए रजनीकांत से बात करेंगे लेकिन बाद में उनके सुर बदल गए।

कमल को रजनी में दिख रहा भगवा प्रेम
अब कमल हासन ने अपना रुख साफ कर दिया है। कमल हासन ने कहा, कि ‘रजनीकांत की राजनीति में भगवा रंग दिखता है, अगर वह नहीं बदलता है तो मैं उनके साथ गठबंधन की संभावना नहीं देखता हूं। हम अच्छे दोस्त हैं, लेकिन राजनीति अलग चीज है।’

‘सरकार हमें खाने के लिए पर्याप्त बीफ नहीं दे रही’
कमल हासन ने अमेरिका के हावर्ड यूनिवर्सिटी में मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्‍होंने कहा, ‘सरकार हमें खाने के लिए पर्याप्त बीफ नहीं दे रही है और वो हमें ये बताना चाहती है कि हम क्या खाएं, क्या न खाएं।’ वहीं कमल हासन ने लव जिहाद के मुद्दे पर कहा, कि ‘प्यार दुनिया भर में विजयी होता है।’

यह फिल्म के लिए कलाकार चुनने की तरह नहीं है
इससे पहले गठबंधन के सवाल पर कमल हासन ने एक इंटरव्यू में कहा था, कि ‘पहले दोनों को पार्टी बनाने दें और अपनी नीतियां घोषित करने दें। इसके बाद नीतियां बनाई जाएंगी और देखा जाएगा कि गठबंधन पर विचार किया जाए या नहीं। हासन ने कहा था, कि रजनीकांत के साथ समझौता करने का सवाल फिल्म के लिए कलाकार चुनने की तरह नहीं है, क्योंकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं।’ दूसरी ओर, रजनीकांत ने भी कहा, कि ‘कमल हासन के साथ गठबंधन के बारे में समय ही बताएगा।

तमिलनाडु को रास आती है फिल्मी राजनीति
अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी है। तमिलनाडु को अब तक फिल्मी राजनीति ही रास आती रही है। डीएमके के प्रमुख करुणानिधि पटकथा लेखक और निर्देशक थे तो एडीएमके के संस्थापक एम.जी. रामचन्द्रन भी तमिल फिल्मों के सफल नायक और जयललिता सफल नायिका थीं। जयललिता ने तो एक, दो हिंदी फिल्मों में भी काम किया।