Opinion

मैत्रायणी संहिता में नारद को आचार्य के रूप में सम्मानित किया गया है। कुछ स्थानों पर नारद का वर्णन बृहस्पति के शिष्य के रूप में भी मिलता है। अथर्ववेद में भी अनेक बार नारद नाम के ऋषि का उल्लेख है। भगवान सत्यनारायण की कथा में भी उनका उल्लेख है।

सुबह उठते ही भगवान सूर्य को नमन करें। उन्हें जल अर्पित करें। ऐसा करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। आत्मविश्वास बढ़ाने को घर में सूरजमुखी के फूल रख सकते हैं। रोजाना गायत्री मंत्र का पाठ करें।

हाल ही में आईआईटी में पढऩे वाली एक लडक़ी के आत्महत्या करने की खबर आई। वह मोटी थी और उसे अपना मोटा होना इतना शर्मिंदा करता था कि वह अवसाद में चली गयी। अपनी परीक्षाओं में अव्वल आना भी उसे इस दु:ख से बाहर नहीं कर पाया। यानी उसकी बौद्धिक क्षमता शारीरिक आकर्षण से हार …

अक्सर यह देखने में आता रहता है कि जिन राज्यों विपक्ष की सरकारें होती हैं वहां पर केंद्र की प्रतिपक्षी सरकार द्वारा नियुक्त राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठते रहते हैं। यह सही है कि राज्यपाल केंद्र सरकार का प्रतिनिधि होता है।

इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाली कपनी बीएसएनएल थी इसके बाद  कई ईमेल की शुरुआत हुई। पहला साइबर कैफे मुंबई में खुला। आज दुनिया में ऐसे 7  लोग हैं जिनके पास सारी दुनिया के इंटरनेट पर कंट्रोल है।

देश पर इस समय आम चुनाव 2019 का बुखार चढ़ा हुआ है। विभिन्न दलों के नेताओं पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। चुनाव आयोग से शिकायतें की जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कांग्रेस सांसद की चुनाव आयोग की निष्क्रियता की शिकायतों पर आयोग से प्रतिक्रिया जाननी चाही है।

ये बचपन भी थोड़ा अजीब है कंधों पर किताबों का नहीं जीवन का बोझ है। ना कोई उल्लास है ना कोई रोमांच है, आंखों में नींद नहीं, पेट में अजब सी आग है हाथों में खिलौने हैं ना आंखों में खेलने  की ललक इन्हें तो अपने समान ही बच्चों को खिलाने का काम है। बाल …

कहते हैं हम इस जन्म में जो करते हैं वो पिछले जन्म का निर्धारित होता है। धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि इस जन्म का अच्छा या पुरा प्रभाव पिछले जन्म का कर्म होता है।

जब कुंडली का अष्टम या द्वादश भाव ख़राब हो। जब कुंडली में शुक्र या चन्द्रमा नीच राशि में हो। जब सूर्य रेखा टूटी हो या उस पर द्वीप हो। 

लोकसभा चुनाव का दौर जारी है। राजनीतिक योद्धा अपने तरकश से तीर पर तीर चला रहे हैं लेकिन जिस तरह सभी दल आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं वह चिन्ताजनक है और लोकतंत्र का दुर्भाग्य भी है। इसके अलावा सभी दलों ने न सिर्फ दागी पृष्ठभूमि के प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं बल्कि …