Indian Cricket New Era: भारतीय क्रिकेट का नया युग, श्रेयस कप्तान और वैभव नई पहचान

Indian Cricket New Era: श्रेयस अय्यर को कप्तानी और युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका देकर भारतीय क्रिकेट ने नए युग की शुरुआत का स्पष्ट संकेत दिया है।

Mrityunjay Dixit
Published on: 9 Jun 2026 3:40 PM IST
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Indian Cricket: वर्ष- 2026 भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव के लिये याद किया जाएगा । आईपीएल -2026 की समाप्ति के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में कप्तान से लेकर खिलाड़ियों के चयन तक में व्यापक बदलाव हो गया है। मात्र 15 वर्ष की आयु में ही अपनी बल्लेबाजी से सभी को रोमांचित कर देने वाले आक्रामक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को को टीम में जगह मिल गई है। वैभव को एशियन गैम्स के साथ आयरलैंड व इंग्लैंड के विरुद्ध होने वाली टी -20 श्रृंखला के लिए चुना गया है। वैभव ने मात्र 15 वर्ष ओर 71 दिन की आयु में राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान बनाया है। यदि वैभव को आगामी श्रृंखलाओं में खेलने का अवार मिलता है तो वह सचिन तेंदुलकर का 37 वर्ष पुराना रिकार्ड तोड़ देंगे । सचिन ने 16 वर्ष 205 दिन में पाकिस्तान के विरुद्ध 1989 में टीम में पदार्पण किया था। वैभव ने आईपीएल में कई शानदार व यादगार पारियां खेली जिस कारण टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के खिलाड़ी के रूप में देख रहा है। वैभव ने 12 वर्ष की उम्र से ही रणजी ट्राफी में अपना करिश्मा दिखाना आरम्भ कर दिया था । 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर के ताजपुर में जन्मे वैभव का बल्ला बचपन से ही आग उगलता था। पटना एअरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशीर्वाद लेने के बाद तो वैभव सोशल मीडिया की भी चर्चा का विषय बन गए थे।

पार्थिव पटेल, हरभजन सिंह, मनिंदर सिंह और विजय मेहरा जैसे युवा खिलाड़ी भी कम आयु में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर नाम और यश कमा चुके हैं । एक समय वैभव की तरह खेलने वाले सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ का भी नाम हुआ करता था, उन्हें भी टीम प्रबंधन ने कई अवसर दिए थे किंतु आज वह खेल परिदृश्य से ही बाहर हो चुके हैं। अब वैभव का सामना वास्तविक क्रिकेट से होने जा रहा है, साथ ही विदेशी धरती के मैदान भी अलग होते हैं। अब वैभव को वैश्विक क्रिकेट में अपने आपको साबित करना है।

अपने पहले ही आईपीएल- 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए वैभव ने 16 मैचों में 775 रन बनाकर आरेंज कप जीता था और पूरे सीजन में 72 छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे अधिक छक्कों का रिकार्ड भी तोड़ दिया था । अब देखना है क्या वो ऐसे ही करिश्मे विदेश की धरती पर भी करेंगे ? कुछ लोग वैभव की तुलना अभी से ही सचिन और सहवाग से करने लगे हैं जो अनुचित है और एक उभरती प्रतिभा के ऊपर मानसिक दबाव डालने जैसा है। अभी तो वैभव के कैरियर की शुरुआत भर हो रही है अतःअभी केवल सकारात्मक भाव व सोच के साथ वैभव के खेल का आनंद लेना चाहिए और उसे पूरा अवसर देना चाहिए।

वर्ष- 2026 की आगामी श्रृखलाओं के लिए टीम को श्रेयस अय्यर के रूप में नया कप्तान भी मिल गया है जबकि युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। ऐसा करके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सभी खिलाड़ियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारतीय टीम मे अब केवल उन्हीं खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा जिनका प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहेगा।

श्रेयस की दमदार वापसी - दिसंबर -2023 से विभिन्न कारणों से बाहर चल रहे श्रेयस की कप्तान के रूप में वापसी किसी आश्चर्य से कम नहीं है।आईपीएल में उनकी नेतृत्व क्षमता व लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते टीम प्रबंधन उनसे प्रभवित हुए बिना नहीं रह सका और अनेक दावेदारों को पछाड़ते हुए श्रेयस कप्तान के रूप में पहली पसंद बनकर उभरे। श्रेयस ने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल का चैपिंयन बनाया और उसके बाद पंजाब किंग्स को फाइनल की राह दिखाई थी। श्रेयस ने लगातार दो बार आईपीएल के सफल सत्र खेले और अपने बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया।

धैर्य व नेतृत्व का नया चेहरा बकर उभरे श्रेयस ने 914 दिन बाद टीम में वापसी की वह भी कप्तान के रूप में। सरपंच जी नाम से लोकप्रिय श्रेयस की टीम में वापसी प्रेरणादायक है क्योंकि आमतौर पर क्रिकेट अब एक ऐसा खेल बन गया है जहां प्रतिभाओं की कोई कमी नही रह गई है । ऐसे में अगर किसी भारतीय क्रिकेटर के जीवन में इतना उतार -चढ़ाव, संघर्ष के बाद सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है तो वह श्रेयस अय्यर ही हैं। जब कभी उन्हें किसी कारणवश टीम से अंदर -बाहर किया गया तब वह सोशल मीडिया से दूर रहे और किसी भी प्रकार की बयानबाजी नहीं की वरन अपने खेल को निखारने में ही लगे रहे जिसका उन्हें सुखद पुरस्कार मिला।

क्रिकेट के मैदान के ये बदलाव उम्मीद दिलाते हैं भारतीय क्रिकेट टीम विजय पथ पर अग्रसर रहेगी। एक समय रणजी जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं मे बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टीम चयन में प्राथमिकता दी जाती थी किंतु अब टीम में चयन का एक और आधार आईपीएल भी बन गया है।

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