Opinion

अक्सर यह देखने में आता रहता है कि जिन राज्यों विपक्ष की सरकारें होती हैं वहां पर केंद्र की प्रतिपक्षी सरकार द्वारा नियुक्त राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठते रहते हैं। यह सही है कि राज्यपाल केंद्र सरकार का प्रतिनिधि होता है।

इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाली कपनी बीएसएनएल थी इसके बाद  कई ईमेल की शुरुआत हुई। पहला साइबर कैफे मुंबई में खुला। आज दुनिया में ऐसे 7  लोग हैं जिनके पास सारी दुनिया के इंटरनेट पर कंट्रोल है।

देश पर इस समय आम चुनाव 2019 का बुखार चढ़ा हुआ है। विभिन्न दलों के नेताओं पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। चुनाव आयोग से शिकायतें की जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कांग्रेस सांसद की चुनाव आयोग की निष्क्रियता की शिकायतों पर आयोग से प्रतिक्रिया जाननी चाही है।

ये बचपन भी थोड़ा अजीब है कंधों पर किताबों का नहीं जीवन का बोझ है। ना कोई उल्लास है ना कोई रोमांच है, आंखों में नींद नहीं, पेट में अजब सी आग है हाथों में खिलौने हैं ना आंखों में खेलने  की ललक इन्हें तो अपने समान ही बच्चों को खिलाने का काम है। बाल …

कहते हैं हम इस जन्म में जो करते हैं वो पिछले जन्म का निर्धारित होता है। धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि इस जन्म का अच्छा या पुरा प्रभाव पिछले जन्म का कर्म होता है।

जब कुंडली का अष्टम या द्वादश भाव ख़राब हो। जब कुंडली में शुक्र या चन्द्रमा नीच राशि में हो। जब सूर्य रेखा टूटी हो या उस पर द्वीप हो। 

लोकसभा चुनाव का दौर जारी है। राजनीतिक योद्धा अपने तरकश से तीर पर तीर चला रहे हैं लेकिन जिस तरह सभी दल आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं वह चिन्ताजनक है और लोकतंत्र का दुर्भाग्य भी है। इसके अलावा सभी दलों ने न सिर्फ दागी पृष्ठभूमि के प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं बल्कि …

श्रीलंका अपनी शांति और मनोरतमा के लिये नई इबारत लिख ही रहा था कि वहां हुए सिलसिलेवार शक्तिशाली बम विस्फोटों एवं धमाकों केे खौफनाक एवं त्रासद दृश्यों नेे सम्पूर्ण मानवता को लहुलूहान कर दिया, आहत कर दिया और दहला दिया। कैसी उन्मादी आंधी पसरी कि 200 से अधिक लोगों का जीवन ही समाप्त कर दिया। …

ब्राह्मण कौन के सवाल पर लगता है कि मेरे तमाम मित्र सोच में पड़ गए हैं कि यह मैं कैसी बातें कर रहा हूं, क्योंकि ब्राह्मणत्व का जो पैमाना है वह इतना सरल या कठोर है कि इसे स्वीकारना वश के बाहर की बात लगती है। अगर हम कहें कि ब्राह्मण जन्म से नहीं हो सकते।

ब्राह्मण कौन है यह बड़ा गूढ़ प्रश्न है। हजारों साल से इस पर बहस चली आ रही है। पतंजलि का समय ईसा से डेढ़ सौ से दो सौ वर्ष पूर्व माना जाता है। ऐसे में पतंजलि भाष्य की रचना निश्चित रूप से ईसा से पूर्व तो हो ही चुकी थी। जिसमें कहा गया है कि विद्या, तप और ब्राह्मण-ब्राह्मणी से जन्म ये तीन बातें जिसमें पाई जाएं वही ब्राह्मण है