Opinion

यूपी में सरकार किसी पार्टी की हो लेकिन यहां की नौकरशाही अपने ही अंदाज में काम करती है । उसके काम का अपना अलग ही अंदाज है। सरकार की छवि का जनता पर क्या असर पड र

उत्तर प्रदेश में प्रचंड जनादेश की सरकार के साथ इन दिनों यही हो रहा है। सहजता से लोकतंत्र का यह परिवर्तनकारी परिणाम तमाम शक्तियों के गले नहीं उतर रहा है।

ढाई दशक से यूपी में राम मन्दिर आयोजन के दौर की सरकार के प्रमुख चेहरों मसलन कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, लालजी टंडन और पुराने फायर ब्रांड नेता विनय कटियार की राजनीति और उनकी विरासत हाशिए पर जा चुकी है।

जहां तक योगी के जीवन यात्रा की कहानी का प्रश्न है, वह किसी फ़िल्मी कथानक से कम नहीं है। महज़ 22 साल की उम्र में परिवार त्यागकर वह योगी स्वरूप में आ गए। 1993 से अपना केंद्र गोरखपुर बना लिया और मंदिर में सेवाभाव ने उन्हें 15 फरवरी 1994 को गोरक्षपीठाधीश्वर के उत्तराधिकारी की पदवी तक पहुंचा दिया।

उत्तर प्रदेश की सरकार के पास पांच साल का नहीं बल्कि केवल दो साल का समय है। इतने काम समय में ही यू पी को बदल देने की बहुत बड़ी चुनौती है।

मायावती के भ्रष्टाचार की कोई जांच नहीं करवाई गयी बल्कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को अखिलेश ने ‘एडजस्ट’ कर लिया। स्थिति अब फिर वही है, ब्यूरोक्रेसी भी वही है, भ्रष्ट अधिकारियों का गिरोह भी वही है

लखनऊ: यूपी विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भारी जीत से सोशल मीडिया पर एक मजाक तेजी से वायरल हो रहा कि ‘देखते रह गए खुर्रम और बुर्के में चुपके से बीजेपी पर बटन दबा आई बेगम।’ इस मजाक को होली से भी जोड़ा गया है। लेकिन क्या ये सच में मजाक है या …

लखनऊ: यूपी के विधानसभा चुनाव को नोटबंदी पर जनमत संग्रह माना जा रहा था। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और सीएम अखिलेश यादव, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी किसी भी जनसभा में नोटबंदी को लेकर जनता की हुई परेशानी को उठाने से नहीं चूके। ऐसा कर उन्होंने सहानुभूति लेने …

Newstrack.com और 'अपना भारत' के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार योगेश मिश्र ने यूपी विधानसभा चुनाव- 2017 पर ख़ास बातचीत की और खुल कर अपनी बात कही।

नहीं बदली वो, इसलिए तो औरत कहलाई, प्यार और त्याग की मूरत बनकर सब पर प्यार बरसाई, खुद के लिए नहीं कोई चाह या मांग उसकी, बेटी से बहू बनकर हर रिश्ते को वो निभाई, इसलिए तो औरत कहलाई।। मायके के आंगन में खिली कली, कब ससुराल में बन गई संपूर्णता की गली, खुद ही …