अवंतिका आवास योजना में सीवर प्लान तैयार करने का निर्देश

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज अवंतिका आवास योजना में सीवर डालने का दो विभाग में उलझे विवाद पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि एडीए वंडर सिटी को नर्क में तब्दील करने में जुटा है। सड़कों पर कूड़े का ढेर लगा है, सीवर व नाले सहित सड़क की सफाई का कोई व्यवस्था नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि हमें साफसुथरा शहर चाहिए। हम गुड गवर्नेन्स चाहते हैं और एडीए व जल संस्थान यही तय नहीं कर पा रहे हैं कि अवंतिकापुरी कालोनी में सीवर लाइन कौन विभाग डालेगा।

कोर्ट ने प्रयागराज के जिलाधिकारी को सीवर लाइन की पूरी कार्ययोजना तैयार कर 7 दिसम्बर 18 को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा है कि यदि कार्ययोजना तैयार नहीं कर पाते तो अगली सुनवाई की तिथि सात दिसम्बर को जिलाधिकारी व एडीए के उपाध्यक्ष कोर्ट में हाजिर होंगे।

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति सी.डी.सिंह की खण्डपीठ ने विजयशंकर गुप्ता की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

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याची का कहना है कि अवंतिका आवास कालोनी का निर्माण इलाहाबाद विकास प्राधिकरण ने किया है किन्तु रिहायशी कालोनी में सीवर लाइन नहीं डाली गयी है। जिससे कालोनी की जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। एडीए के वकील का कहना था कि एडीए व जल निगम में बात चल रही है। शीघ्र ही सीवर लाइन डालने पर निर्णय ले लिया जायेगा। याचिका की सुनवाई सात दिसम्बर को होगी।

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इलाहाबाद को प्रयागराज में बदलने की चुनौती याचिकाओं की सुनवाई 30 को

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद जिले व मण्डल का नाम बदलकर प्रयागराज करने के राज्य सरकार के फैसले की वैधता की चुनौती याचिका को सुनवाई हेतु 30 नवम्बर को पेश करने का निर्देश दिया है, साथ ही लखनऊ पीठ में विचाराधीन हरिशंकर पांडेय की याचिका की मूल पत्रावली प्रधानपीठ इलाहाबाद में सुनवाई हेतु तलब कर ली है।

कोर्ट ने याचिका में संशोधन की अर्जी को स्वीकार कर ली है और याची अधिवक्ता को नये सिरे से संशोधित याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी है। मोहम्मद अफान फारूकी की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी है कि एक ही मुद्दे को लेकर कई याचिका दाखिल होना सही नहीं है। कोर्ट ने याची को अन्तर्हस्तक्षेपी अर्जी दाखिल कर इलाहाबाद हेरिटेज एसोसिएशन की विचाराधीन जनहित याचिका में अपना पक्ष रखने की अनुमति दे दी है। अब याचिकाओं की सुनवाई 30 नवम्बर को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति सी.डी.सिंह की खण्डपीठ ने इलाहाबाद हेरिटेज एसोसिएशन की तरफ से दाखिल जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता एस.एफ.ए.नकवी ने किया।

अखाड़ा भवन ध्वस्तीकरण मामला विवेचना प्रगति रिपोर्ट पेश 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मित्रा प्रकाशन के आधिपत्य में मुट्ठीगंज स्थित नया उदासीन पंचायती अखाड़ा भवन ध्वस्तीकरण मामले में चोरी की प्राथमिकी की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट पेश होने के बाद सुनवाई 17 नवम्बर के लिए स्थगित कर दी है।

न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने नगर आयुक्त व एस.एच.ओ मुट्ठीगंज से कोर्ट को गुमराह करने के लिए स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ धारा 340 के तहत आपराधिक कार्यवाही की जाए। उन पर कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह करने का आरोप है। विवेचना की प्रगति रिपोर्ट पेश होने के बाद कोर्ट ने शनिवार को सुनावई किये जाने का आदेश दिया। सुनवाई 17 नवम्बर को होगी।