उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष पर FIR, भड़काने का आरोप, मुठभेड़ को बताया था फर्जी

एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर दलजीत चौधरी के निर्देश पर कानपुर पुलिस ने रशादी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आमिर रशादी मदनी पर लखनऊ में मुठभेड़ के दौरान मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्ला के परिजनों को भड़काने का आरोप है

कानपुर: राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष आमिर रशादी पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर दलजीत चौधरी के निर्देश पर कानपुर पुलिस ने रशादी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आमिर रशादी मदनी पर लखनऊ में मुठभेड़ के दौरान मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्ला के परिजनों को भड़काने का आरोप है। रशादी ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताया था।

रशादी पर एफआईआर
राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी ने शुक्रवार को मारे गये संदिग्ध सैफुल्ला और भोपाल से गिरफ्तार आतिफ के घर जाकर उनके परिवार वालों से मुलाकात की थी।
इन मुलाकातों के बाद ही रशादी मदनी ने लखनऊ में हुई मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था।
रशादी ने कहा था कि अधिकारी सैफुल्ला के पिता से बेटे को फोन करने की बात कह रहे थे, तो घर के अंदर बंद लड़के से पिता का नंबर अधिकारी को कैसे मिला।
उन्होंने आरोप लगाया था कि सैफुल्ला पहले से कस्टडी में था और उसके पास से बरामद हथियार पुलिस के थे और पुलिस ने ही अंदर से फायरिंग की थी।

भड़काऊ बयान
रशादी ने सारे मामले के पीछे राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया था कि अंतिम चरण के चुनाव से पहले वोटों के ध्रुवीकरण के लिए अखिलेश यादव और बीजेपी ने सांठगांठ करके यह ऑपरेशन कराया।
रशादी ने कहा था कि हम न्यायालय जाएंगे और इस ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों के नार्को टेस्ट की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा कि सैफुल्ला के पिता बेहद दबाव में हैं। उनको धमकी दी जा रही है। वह जो कहना चाहते हैं, कह नहीं पा रहे हैं।
हालांकि, सैफुल्ला के पिता ने बाद में रशादी के इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वह देश के साथ खड़े हैं।