एक नेशनल खिलाड़ी ऐसे बना इनामी गैंगस्टर, पढ़िये असली कहानी

पंजाब पुलिस के हाथों एक मुठभेड़ में मारा गया दस लाख का इनामी गैंगस्टर विक्की गौंडर कभी एक शरीफ और नेक दिल इंसान हुआ करता था। उसका पूरा नाम हरजिंदर सिंह भुल्लर था। एक समय उसके माता पिता उस पर गर्व किया करते थे। मगर जब उसने अपराध की दुनिया में प्रवेश किया

एक नेशनल खिलाड़ी ऐसे बना इनामी गैंगस्टर, पढ़िये असली कहानी

एक नेशनल खिलाड़ी ऐसे बना इनामी गैंगस्टर, पढ़िये असली कहानी

लखनऊ:पंजाब पुलिस के हाथों एक मुठभेड़ में मारा गया दस लाख का इनामी गैंगस्टर विक्की गौंडर कभी एक शरीफ और नेक दिल इंसान हुआ करता था। उसका पूरा नाम हरजिंदर सिंह भुल्लर था। एक समय उसके माता पिता उस पर गर्व किया करते थे। मगर जब उसने अपराध की दुनिया में प्रवेश किया तो जो लोग उस पर गर्व किया करते थे वह सबसे पहले उससे दूर हुए। विकी गौंडर की आपराधिक गतिविधियों के चलते ही उस के परिवार ने भी उससे दूरी बना ली,विकी के पिता मेहर सिंह का कहना है के जब विकी अपराधी बन गया तो हम ने उससे किनारा कर लिया।

विकी गौंडर मुक्तसर जिले के गांव समारा का रहने वाला था। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के विधानसभा हलके लम्बी का रहने वाला था। वह डिस्कस थ्रो का बहुत ही अच्छा खिलाडी था। जब उसने स्टेट लेबल का खिताब जीता तो उस समय वह मिडिल स्कूल का छात्र था। इसके बाद उसने आगे की पढाई और प्रशिक्षण के लिए जालन्धर में स्पीड फण्ड एकेडमी ज्वाइन लिया। कड़े प्रशिक्षण और मेहनत के बल पर उसने डिस्कस थ्रो में तीन स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। इसके बाद तो मुक्तसर में उसके नाम की धूम हो गई हर कोई उसे जान गया। लेकिन यह पहचान एक नेशनल खिलाडी की थी।

28 साल के गौंडर की हत्या व अपहरण के दो दर्जन से अधिक मामलों में तलाश थी। फेसबुक पेज पर अपने परिचय में वह खुद को शेरा खुबन ग्रुप का लिखता था। अपना काम गैंगस्टर बताता था। और अपनी पढ़ाई गैंगस्टर अकादमी में बताता था। सबसे पहले 2009 में उसका नाम सरजू हत्याकांड में सामने आया था लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी थी क्योंकि शातिर विक्की भेस बदलने में माहिर था।

जनवरी 2015 में गैंगस्टर सुक्खा कहलवां की हत्या के बाद विकी गौंडर अपराधियों की दुनिया में चमक गया। दिसम्बर 2015 में तरनतारन पुलिस ने उसे सुक्खा की हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद विकी गौंडर को रोपड़ जेल में रखा गिया था मगर वहां एक लड़ाई के बाद उसे नाभा जेल में शिफ्ट कर दिया गिया। 30 अप्रैल को गैंगस्टर जसविन्दर सिंह रॉकी के मारे जाने पर विकी ने जेल से फेसबुक पर पोस्ट डाल कर ख़ुशी जाहिर की। पुलिस ने बताया था के पंजाब में उस पर डकेती और कत्ल जैसे 10 से 12 मामले दर्ज हैं और हरयाणा में भी लगभग इतने ही मामले दर्ज थे।

27 नवम्बर 2016 को विकी गौंडर , हरविंदर सिंह , मिंटू , कश्मीर सिंह , गुरप्रीत सेरों ,नीतू दिओल को जेल से छुड़ाने के लिए 10 लोगों ने नाभा जेल पर हमला किया व इन लोगों क छुड़ाने में कामयाब रहे। उस के कुछ समय बाद भटिंडा में विकी के साथी की एक पुलिस मुकाबले में मौत हो गई थी। वह एक  फोरचुनर गाडी को छीन कर भागने की कोशिश कर रहे थे,दौरान चंडीगढ़-पटियाला हाईवे पर बनूड़ में कैश वैन से 1 करोड़ 33 लाख की लूट और गौंडर के पैतृक गांव सरावां बोदला में बैंक डकेती। इन मामलो में गौंडर का नाम आया था। ये बात अलग है कि गौंडर ने अपने फेसबुक पेज से इन वारदातों में शामिल होने से इनकार किया।

गुरदासपुर के काहनूवान में एक गैंगवॉर हुआ। दूसरे गुट के तीन लोगों को सरेआम घेर के मार दिया गया
पंजाब पुलिस ने इस गैंगवॉर में विक्की गौंडर के खिलाफ मामला दर्ज किया। कहा गया कि उस वक्त विक्की गौंडर मौजूद था। इससे पहले चंडीगढ़ में दिनदहाड़े होशियारपुर के एक सरपंच का गुरुद्वारे के बाहर कत्ल कर दिया गया
मई 2017 में पंचकूला के सकेतड़ी के पास गैंगवॉर में बाउंसर का कत्ल किया गया।

पंजाब पुलिस उस को लगातार खोज रही थी। 26 जनवरी 2018 को मुक्तसर के पुन्जावा गांव के पास पुलिस ने विकी गौंडर को पुलिस मुकाबले में मार दिया, और विकी के साथ उस का साथी प्रेम लाहोरिया को वी पुलिस ने मुकाबले में मार दिया।

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