इलाहाबाद उच्च न्यायालय-CM योगी के खिलाफ याचिका पर निर्णय सुरक्षित

इलाहाबाद  हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ अभियोजन चलाने के आदेश को रद्द करने की वैधता याचिका पर दोनो पक्षों की बहस के बाद फैस

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद जगदम्बिका पाल को सज़ा, योगी आदित्यनाथ के मामले में सुनवाई टली

इलाहाबाद: इलाहाबाद  हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ अभियोजन चलाने के आदेश को रद्द करने की वैधता याचिका पर दोनो पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है।यह आदेश जस्टिस वी.के. नारायण ने रसीद खां व अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका की पोषणीयता पर महाधिवक्ता ने आपत्ति की कि पुलिस चार्जसीट दाखिल होने के बाद शिकायतकर्ता को चुनौती देने की अधिकारिता नहीं है। इसलिए याचिका खारिज की जाय।

याची एडवोकेट एस.एफ.ए नकवी का कहना था कि शिकायतकर्ता को अभियोजन कार्यवाही सही न होने पर चुनौती देने का अधिकार है। दोनों पक्षों की तरफ से अपने पक्ष में न्यायिक निर्णय दिये गये। मालूम हो कि 2007 गोरखपुर दंगे के दौरान एक मजार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जिसकी प्राथमिकी की विवेचना कर पुलिस ने चार्जसीट दाखिल की। मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लेते हुए सम्मन जारी किया। जिसे अभियुक्त महेश खेमका ने पुनरीक्षण दाखिल कर चुनौती दी। अपर सत्र न्यायालय ने मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द कर दिया। जिस पर यह याचिका दाखिल की गयी है।