Newstrack ने उठाया नक्सलियों का मुद्दा, UN की रिपोर्ट ने उसे अंजाम तक पहुंचा दिया

लखनऊ : newstrack.com ने June 17 को आपको बताया था कि ‘महिला नक्सली : बना दिया जिस्म की आग बुझाने का साधन, फिर भी बड़ा खतरा हैं ये’। वहीं अब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र को ऐसी रपटें मिली हैं कि नक्सली संगठन छत्तीसगढ़ और झारखंड में सुरक्षा बलों से लड़ने के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

गुटेरेस ने कहा, “आतंकवादी समूहों ने लगातार बच्चों को अगवा किया और संगठन में बच्चों की भर्तियों के लिए बच्चों के परिजनों को धमकाया। इन बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाता है और खबरी या मुखबिर के तौर पर इनसे काम लिया जाता है।”

गुटेरेस ने इस बात को चिंताजनक बताया है कि नक्सली छत्तीसगढ़ में कई स्कूल चला रहे हैं, और वे उसमें पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में बच्चों को लड़ाई का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

इसके बाद हमारी महिला नक्सलियों पर की गई रिपोर्ट चर्चा में आ गई है। जिसमें हमने बताया था कि अपने आरंभिक दौर में नक्सली संगठनों ने लड़ाई को जनांदोलन का रूप देने के लिए तय किया था कि संगठन में महिलाओं की 40 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी। इस पर अमल भी हुआ। बड़े पैमाने पर महिलाएं शामिल की गईं।

ये रही पूरी खबर: महिला नक्सली : बना दिया जिस्म की आग बुझाने का साधन, फिर भी बड़ा खतरा हैं ये

लेकिन यहीं खेल हो गया लड़ाई में सहभागी बनाने के इतर उनकी इज़्ज़त से ही खेल शुरू हो गया। अब आलम ये है, कि इस ख़ूनी आंदोलन में शामिल महिला नक्सली संगठन छोड़ भाग रही हैं। या फिर आत्मसमर्पण कर रही हैं। समाज को बदल देने का सपना अब उनकी आंखों में नजर नहीं आता।

इस तरह से देखा जाए तो संयुक्त राष्ट्र ने हमारी खबर को और आगे ले जाते हुए नक्सलबाड़ी की हकीकत दुनिया के सामने रख दी है।