UP बनाएगा 10,700 मेगावाट बिजली 5 साल में , 50 हजार करोड़ का होगा इनवेस्टमेंट

यूपी 2022 यानि अगले पांच साल में सौर ऊर्जा से 10,700 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा। इससे प्रदेश में 50 हजार करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है। स

UP बनाएगा 10,700 मेगावाट बिजली 5 साल में , 50 हजार करोड़ का होगा इनवेस्टमेंट

UP बनाएगा 10,700 मेगावाट बिजली 5 साल में , 50 हजार करोड़ का होगा इनवेस्टमेंट

लखनऊ: यूपी 2022 यानि अगले पांच साल में सौर ऊर्जा से 10,700 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा। इससे प्रदेश में 50 हजार करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है। सन् 2013 की सौर ऊर्जा नीति में बिजली उत्पादन का यह लक्ष्य 500 मेगावाट था। प्रदेश, केंद्र सरकार की नयी पहल ”इण्टरनेशनल सोलर एलायंस” में अग्रणी भागीदार बनेगा। वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री ब्रजेश पाठक ने शास्त्री भवन स्थित मीडिया सेण्टर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।

उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रदेश में और प्रदेश के बाहर उद्योगों व उपभोक्ताओं को ओपन एक्सेस के माध्यम से सीधे विद्युत विक्रय करने का आॅफर दिया गया है। ट्रांसमिशन चार्जेज में 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। ओपन एक्सेस को बढ़ावा देने से प्रदेश में सौर ऊर्जा का बाजार विकसित होगा।

पाठक ने कहा कि रूफटाॅप सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए नेडा रेस्को माॅडल को उपभोक्ताओं तक प्रसारित करने में सक्रिय भूमिका निभायेगा। इसके माध्यम से सार्वजनिक व निजी संस्थायें बिना पूंजी निवेश किये ग्रिड विद्युत की तुलना में सस्ती बिजली प्राप्त कर सकते हैं। यह माॅडल देश में लोकप्रिय है। इससे उपभोक्ताओं का लाभ मिलेगा।

बिजली दफ्तरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

पाठक ने कहा कि बुन्देलखण्ड के विकास के लिए एक नया प्रावधान यह रखा गया है। बुन्देलखण्ड में उत्पादित सौर विद्युत तुलनात्मक रूप से सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वालों और विशेषकर छोटे रूफटाॅप संयंत्रों की सुविधा के लिए सरकार जनवरी, 2018 से ऐ नेट मीटरिंग पोर्टल चालू करेगी ताकि निवेशकों को नेट मीटरिंग की अनुमति लेने के लिए विद्युत वितरण निगमों के कार्यालयों में चक्कर न लगाने पड़ें।

अति. ऊर्जा स्रोत मंत्री पाठक ने कहा कि नेडा की सिंगल विण्डों सुविधा को वेब बेस्ड बनाया जायेगा। नयी नीति में 10 किलोवाट तक के संयंत्रों को विद्युत सुरक्षा कि अनुमति से छूट दी गयी है। रूफटाॅप संयंत्रों को अतिरिक्त एफ0ए0आर0 की आवश्यकता से मुक्त किया है और सभी सौर्य ऊर्जा संयंत्रों को पर्यावरण व प्रदूषण की अनापत्ति से अवमुक्त किया गया है।