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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट कर कोरोना वायरस के टेस्ट को बड़े स्तर पर कराये जाने की मांग की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि 'कोविड-19 से निपटने के लिए भारत अभी पर्याप्त टेस्ट नहीं कर रहा है। लोगों के ताली बजाने और दीया जलाने से समस्या का समाधान होने नहीं जा रहा है।'

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार के संबोधन में देशवासियों से देश में 5 अप्रैल को रात 9 बजे दीया या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने की अपील किया है जिस पर विपक्षी दलों ने अब नए सिरे से राजनीति शुरू कर दिया है।

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन रखा गया है। इस बीच दिल्ली के करावल नगर से BJP विधायक मोहन बिष्ट के घर काफी लोग इकट्ठा हो गए, जिसे देख MLA को पुलिस से शिकायत दर्ज करवानी पड़ गई।

राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव इन दिनों कोरोना वायरस से घबराए हुए हैं। रिम्स के जिस पेइंग वार्ड में लालू प्रसाद का इलाज चल रहा है, उसी भवन की तीसरी मंजिल पर आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने के बाद लालू प्रसाद की घबराहट बढ़ गई है।

कोरोना वायरस ने इस वक्त पूरे देश में अपने पैर पसार रखे हैं। वहीं केंद्र और राज्य सरकारों के लिए कोरोना की जंग काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इस बीच राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार से अपने बकाए पैसे की मांग की है।

मनमोहन सिंह ने कहा, 'कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी देश के साथ एकजुट होकर खड़ी है।' इस दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी अपनी-अपनी बातें रखी।

कोरोना के खतरे से बचाव के लिए हरियाणा सरकार और पंजाब सरकार अपने-अपने राज्यों के लोगों में सैनिटाइजर की बोतलें बांट रही हैं। सैनिटाइजर की इन बोतलों पर राज्य के मुख्यमंत्रियों की फोटो लगी हैं।

कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। इतना ही नहीं राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र और लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें कम करने के फैसले को 'संवेदनहीन और मूर्खतापूर्ण' करार दिया है।

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के हमले के बीच तबलीगी जमात के आयोजन ने अब सियासी रंग ले लिया है। इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप के तीखे तीर चलने शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया भी आरोप-प्रत्यारोप के एक बड़े अखाड़े में तब्दील हो चुका है।

कोरोना वायरस को भारत की जेलों तक पहुँचने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य सरकारों ने प्रदेशों की जेलों से कैदियों की पैरोल पर रिहाई की है। ऐसे में अब नाबालिग संग दुष्कर्म मामले में दोषी आसाराम बाबू की रिहाई की भी मांग उठी है।