Politics

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्य के लोगों, अपने पिता, मार्गदर्शक और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, के सी वेणुगोपाल (एआईसीसी महासचिव), सिद्धरमैया (सीएलपी नेता), सभी जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों का शुक्रिया अदा करता हूं।’’

योगी कैबिनेट से बर्खास्त मंत्री सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब उनकों राज्य संपत्ति विभाग ने आवास खाली करने के लिए नोटिस जारी किया है।इसके पहले राजभर से सुरक्षा और गाड़ी वापस ले ली गई थी।

नायडू ने आरोप लगाया, ‘‘ पहले, भाजपा तक ने ईवीएम का विरोध किया था। उत्तर प्रदेश में हमने ईवीएम को होटलों एवं घरों में देखा है... स्ट्रॉन्ग रूम बदले जा रहे हैं।’’

कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि माना जाता है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में वेणुगोपाल ने आश्वासन दिया कि गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है। कांग्रेसी नेता ने यह आश्वासन लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद गठबंधन सरकार के बने रहने को लेकर जारी अटकलों के बीच दिया है।

इधर रामवीर उपाध्याय ने भी बुधवार को हाथरस स्थित अपने आवास पर विशेष प्रेसवार्ता का आयोजन किया है। समझा जाता है कि बुधवार को वह अपनी आगे की रणनीति मीडिया के साथ साझा करेंगे।

लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल में राजग को बहुमत मिलने के पूर्वानुमान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों से मंगलवार को यहां मुलाकात की और उनका आभार प्रकट किया। यह बैठक भाजपा मुख्यालय में हुई।

आयोग के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि मशीनों को मतगणना केन्द्रों तक ले जाने और रखरखाव में गड़बड़ी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुये संबद्ध राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से तत्काल जांच रिपोर्ट ली गयी। जांच में पाया गया कि जिन मशीनों की शिकायत की गयी है वे रिजर्व मशीनें थीं।

उन्होंने अरोड़ा को उन स्थानों की सूची भी सौंपी, जिन पर मतदान के दौरान कथित गड़बड़ी पायी गयी। उन्होंने बताया कि यह सूची इस सीट से माकपा उम्मीदवार फुआद हलीम ने निर्वाचन अधिकारी को भी दी है।

लोकसभा चुनाव 2019 का मतदान खत्म होने के बाद अब सभी को 23 मई को ईवीएम खुलने और नतीजे का इंतजार है। लेकिन इस बीच यूपी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी है। सोमवार को सुबह ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी गठबंधन सहयोगी और बसपा सुप्रीमों मायावती के घर पहुंच गये और मौजूदा राजनीतिक हालातों पर चर्चा की।

पिछले एक साल से प्रदेश की राजनीति में छाए संशय के बादलों को साफ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया तो राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में सहयोगी दल के बिजली मंत्री नरेश अग्रवाल को बर्खास्त करने का इतिहास दोहरा दिया गया।