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राजनैतिक रैलियों में पोस्टर-बैनर व होर्डिंग लगाने को लेकर आने वाला है बड़ा फैसला

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RishiBy Rishi

Published on 11 Oct 2017 2:50 PM GMT

राजनैतिक रैलियों में पोस्टर-बैनर व होर्डिंग लगाने को लेकर आने वाला है बड़ा फैसला
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इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना लाइसेंस के शहर में पोस्टर, बैनर व होर्डिंग लगाने के खिलाफ जनहित याचिका पर स्थानीय निकायों को नोटिस जारी की है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 13 नवंबर नियत की है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले तथा न्यायमूर्ति एम.के.गुप्ता की खण्डपीठ ने अधिवक्ता सुनील चौधरी की याचिका पर दिया है।

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याची का कहना है कि राजनैतिक रैलियों, कार्यक्रमों से पहले शहर की सड़कें पोस्टर-बैनर व होर्डिंग से पट जाती हैं। ऐसा करने के पहले नगर निगम व निकायों की अनुमति नहीं

ली जाती। जिससे न केवल निकायों को राजस्व का नुकसान हो रहा है अपितु इस प्रकार की बेतरतीब लगी होर्डिंगों व बैनर पोस्टरों से दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।

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कोर्ट ने निकायों को पक्षकार बनाने की याची को अनुमति देते हुए नोटिस जारी की और याची को भी पंजीकृत डाक से नोटिस भेजने का आदेश दिया है।

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क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ चुनाव याचिका चार माह में निर्णीत करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा जिले में रामा ब्लाक क्षेत्र पंचायत प्रमुख के खिलाफ जिला न्यायाधीश के समक्ष विचाराधीन चुनाव याचिका चार माह में निर्णीत करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खण्डपीठ ने प्रेम्पा उर्फ प्रेम पाल सिंह की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है।

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याचिका पर अधिवक्ता गौरव शर्मा ने बहस की। याची का कहना है कि क्षेत्र पंचायत का चुनाव 5 मार्च 16 को हुआ जिसमें विपक्षी कृष्णवीर सिंह विजयी घोषित हुए। उनके अध्यक्ष पद पर चुने जाने को इस आधार पर चुनौती दी गयी है कि वे दो गांवों व शहर के मतदाता है। चुनाव याचिका का सुनवाई में विपक्षी द्वारा समय लेने के कारण देरी हो रही है। विपक्षी सुनवाई में देरी कर अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करना चाहता है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया जाना जरूरी है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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