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ओवैसी की पार्टी बनेगी इन दिग्‍गजों के लिए मुसीबत, ये है एक्‍शन प्‍लान

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 27 Aug 2018 10:15 AM GMT

ओवैसी की पार्टी बनेगी इन दिग्‍गजों के लिए मुसीबत, ये है एक्‍शन प्‍लान
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कानपुर: असद्दुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का प्रदेश में जनाधार बढ़ा है। आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में सभी पार्टियां लगी हुई हैं। इस बार यूपी में एआईएमआईएम पहली बार 2019 का लोकसभा चुनाव पूरे दमखम के साथ लड़ने जा रही है। बीते चार साल से AIMIM ने अपनी जमीन तैयार की है। पार्टी के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी बहुत ही जल्द एक सभा कर प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे। इसके साथ ही चुनावी रणनीति तय करेंगे। गठबंधन को लेकर अभी तक एआईएमआईएम ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन जानकारी के मुताबिक एआईएमआईएम अकेले चुनाव लड़ कर सपा बसपा गठबंधन का भारी नुकसान करने के मूड में दिख रही है।

दिलचस्‍प होगा चुनाव

आल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन पार्टी की आने वाले लोक सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में इंट्री करने से चुनाव और भी दिलचस्प हो जायेगा। बहुत ही जल्द असद्दुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रैली करके प्रदेश की जनता को जोड़ने का काम करेंगे। तीन तलाक ,विकास ,धर्म ,जातिवाद ,शिक्षा ,परिवारवाद ,भाईवाद, किसानो की समस्या जैसे मुद्दों पर पार्टी जनता के बीच जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली विभिन्न जनपदों में जाकर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

यदि ये पार्टी यूपी में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी तो मुस्लिम वोट काटेगी। इससे सबसे बड़ा नुकसान सपा-बसपा गठबंधन को होने वाला है। वहीं इसका फायदा सीधे तौर पर बीजेपी को होगा। बीजेपी भी यही चाहती है कि एआईएमआईएम यूपी में अकेले ही चुनावी मैदान में उतरे।

सामने आएगी ध्रुवीकरण करने वालों की सच्‍चाई

प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पार्टी ने बहुत ही कम समय में अपनी पहचान बनायीं है। लोकसभ चुनाव में पार्टी गठबंधन पर विचार अस्ससुद्दीन ओवैसी ही करेंगे। समाजवादी पार्टी से हमारा एलायंस नहीं हो सकता है। ,बीते 2017 के विधानसभा सभा चुनाव में सपा ने हमारे साथ सौतेला व्यव्हार किया था। ओवैसी की दो दर्जन से अधिक जनसभाओं को सपा के निर्देश पर जनसभा करने की अनुमति नहीं दी गई थी। यदि ओवैसी की जनसभा होती तो हमारी पार्टी के समर्थन में माहौल बन जाता। जिन विधानसभा सीटों पर हम दूसरे और तीसरे नंबर रहे थे, उनमें हमारी जीत तय थी।

चुनाव के अंतिम दौर पर जब पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की। तब जाकर हमें प्रदेश में जनसभा करने की अनुमति मिली थी। विधानसभा चुनाव में हमें एक भी सीट पर जीत नहीं मिली, लेकिन हम लोगों ने हिम्मत नहीं हारी है। लोकसभा चुनाव में परिणाम अलग होंगे l

हमारी तैयारी जमीनी स्तर पर चल रही है। हम लोग घर-घर जाकर मतदाताओं के सामने अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में हमारी पार्टी ट्रंप कार्ड साबित होगी। हमारे साथ सभी समुदाय और वर्ग ,जाति के लोग जुड़ रहे हैं। समान विचारधारा के कार्यकर्ता हैं। हम गंगा-जमुनी तहजीब को साथ लेकर चल रहे हैं। ध्रुवी करण करने वालों और सेकुलर के नाम पर राजनीति करने वालों की सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं।

वहीं, जिलाध्यक्ष मोहम्‍मद नासिर के मुताबिक 2017 में हुए निकाय चुनाव में हमने जीत हासिल की है। हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पार्षद चुना गया है। हम लोग उसी थीम में लोकसभा चुनाव भी लड़ेंगे। बूथ स्तर पर और वार्डों और गाँवो में जाकर हम तैयारी कर रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा पार्टी के कार्यकर्ता बने हैं।

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