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सपा: निकाय चुनाव में भी विधान सभा चुनाव की रणनीति को बनाया हथियार 

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RishiBy Rishi

Published on 14 Nov 2017 2:58 PM GMT

सपा: निकाय चुनाव में भी विधान सभा चुनाव की रणनीति को बनाया हथियार 
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लखनऊ : विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को अपनी सरकार के काम के दम पर जीत की आस थी। पर उन्हें मुंह की खानी पड़ी। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक फिर नगर निकाय चुनाव में उसी रणनीति को हथियार बनाया है। उन्होंने मंगलवार को मतदाताओं को अपनी सरकार में किये गए विकास के काम गिना कर मतदान की अपील की है।

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अखिलेश यादव ने कहा है कि अब मतदाताओं को तय करना है कि वह सपा सरकार के विकास कामो को आगे बढ़ाना चाहेंगे या फिर भाजपा की विकास विरोधी नीतियों को फैलने फूलने देंगे। भाजपा सरकार नफरत फैलाने और समाज को बांटने का काम ही करती रही है। ठीक इसी तरह विधान सभा चुनावों में भी अखिलेश यादव ने प्रदेश भर की जनसभाओं में भाजपा पर कुछ इसी अंदाज़ में हमला बोला था। ऐसे में नगर निकाय चुनाव के नतीजे ही यह बताएँगे कि उन की यह अपील क्या रंग लाती है।

अखिलेश यादव ने संकल्प पत्र को बताया "छल पत्र"

एक तरफ जहां अखिलेश यादव ने अपने काम गिनाये हैं तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा पर किसानो की ऋण माफी से लेकर लॉ एण्ड आर्डर पर सरकार को घेरने की कोशिश की है। अखिलेश ने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं को बहकाने के लिए और नगर निकाय के चुनावों को छलबल से जीतने के लिए भाजपा ने विधानसभा चुनावों की तरह फिर निकाय चुनावों के लिए एक ‘छल पत्र‘ जारी कर दिया हैं।

पूर्व सीएम ने कहा किसानों की कर्ज माफी के नाम पर केवल लघु सीमान्त कृषकोें का एक लाख रू तक का ऋण माफी करने का निर्णय भाजपा की सरकार ने लिया जबकि सभी किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। ऋण माफी के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया जा रहा है। एक रूपए से सात रूपए तक के चेक दिये गये। जीएसटी योजना लागू की है जिससे छोटे व मध्यम व्यापारियों का कारोबार बन्द हो गया है।

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उन्होंने कहा हजारों फैक्ट्री, कारखाने बन्द हो गये हैं जिसके कारण लाखों मजदूर बेरोजगार हो गये है। प्रदेश में पिछले 8 माह में एक भी नया निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका। सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त करने की योजना लागू कर करोड़ों रूपयों का अता पता नहीं, चला परन्तु सड़कें ज्यों का त्यों बनी हुई है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बलात्कार, हत्याओं की बाढ़ आ गई है। यह विकास विरोधी सरकार है। प्रदेश के जागरूक मतदाताओं से अपील है कि साईकिल चुनाव चिन्ह् पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को विजयी बनायेंगे।

लखनऊ मेट्रो से लेकर आईटी सिटी और एक्सप्रेसवे की दिलाई याद

अखिलेश यादव ने लखनऊ मेट्रो, लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे, जनेश्वर मिश्रा पार्क, जयप्रकाश नारायण अनतर्राष्ट्रीय केंद्र, गोमती रिवर फ्रंट, ईमामबाड़ा घंटाघर, शाही तालाब, पिक्चर गैलरी एवं टीलेवाली मस्जिद का जीर्णोद्धार, विधानसभा सचिवालय लोकभवन, कुकरैल वन का विस्तार, सड़को का चैड़ीकरण, गलियों में सीसी रोड का निर्माण, शहरों में साइकिल ट्रैक, 6 रेलवे ओवरब्रिज, अमूल दुग्ध और पराग दुग्ध प्लांट, आधुनिक सुविधायुक्त दो बस स्टेशन-कैसरबाग तथा आलमबाग, पुलिस मुख्यालय भवन, यूपी 100 के पुलिस भवन, टिकैतनगर के पुराने तालाब का जीर्णोद्धार।

इसके साथ ही अखिलेश ने चकगंजरिया में आईटी हब, साईकिल ट्रैक का निर्माण, गोमतीनगर में डा0 लोहिया संयुक्त चिकित्सालय एवं शोध संस्थान, किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में शताब्दी अस्पताल एवं लखनऊ के पीजीआई में भवन, शहीद पथ पर 200 बेड का बाल चिकित्सालय, चक गंजरिया में कैंसर इंस्टीट्यूट, 16 लाख छात्र-छात्राओं को लैपटाप, 108 व 102 एम्बुलेन्स सेवा, 1090 वूमेन पावर, 100 यूपी पुलिस सेवा, किसानों के लिए कृषक दुर्घटना बीमा योजना, मुफ्त सिंचाई, 5 वर्ष के कार्यकाल में विद्युत उत्पादन की क्षमता 8500 मेगावाट से बढ़ाकर 16500 मेगावाट का दावा करते हुए वोट माँगा है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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