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यूपी के इस शहर में सहबाला बनकर आए थे ‘अटल’, देखिए पुराने फोटोज...

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 16 Aug 2018 9:27 AM GMT

यूपी के इस शहर में सहबाला बनकर आए थे ‘अटल’, देखिए पुराने फोटोज...
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गोरखपुर: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बात हो और गोरखपुर उनको याद न करे। ऐसा हो ही नहीं सकता। उनका गोरखपुर से गहरा नाता रहा है। गोरखपुर के दुर्गाबाड़ी चौक पर स्थित कृष्णा सदन इस नाते की गवाही आज भी देता है। यहीं पहली बार मात्र 15 बरस की उम्र में वह यहां सहबाला बनकर आए थे। इसके बाद यहां के लोगों से ऐसा जुड़े कि इनका गोरखपुर से गहरा नाता हो गया।

बड़े भाई की शादी में बने थे सहबाला

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के बड़े भाई प्रेम बिहारी बाजपेई की शादी गोरखपुर के स्वर्गीय मथुरा प्रसाद दीक्षित की बेटी रामेश्वरी उर्फ बिट्टन से वर्ष 1940 में हुई थी। पहली बार 15 साल के किशोर अटल यहां सहबाला बनकर आए थे। मथुरा प्रसाद दीक्षित के दो बेटों कैलाश नारायण दीक्षित और सूर्यनारायण दीक्षित उनसे उम्र में थोडे़ छोटे थे, पर उनकी खूब पटती थी। अटल जी की मां जबतक जीवित थीं। तब वे ग्वालियर छुट्टियां बिताते थे। लेकिन उनके निधन के बाद वे गोरखपुर आने लगे।

कढी चावल खाकर ही जाते थे

यहां सभी लोग अटलजी के शौक से वाकिफ थे। उनको कढ़ी चावल और खीर बेहद पसंद थे। गोरखपुर के दीक्षित परिवार के लोगों का कहना है कि अटलजी जब भी गोरखपुर आते थे तो उनके परिवार में लोगों से मिलने जरूर आते थे लेकिन राजनीत वह घर की दहलीज के बाहर ही रखते थे। घर में वह एक ऐसे अटल के रूप में आते थे जिसको कढ़ी चावल और घर का बना हुआ घरेलू सामान ही ज्यादा पसंद होता था। इस परिवार के साथ अटल जी की महफिलें बैठा करती थी और उन महफ़िलों में अटलजी गीत गाया करते थे। परिवार के लोगों का कहना है कि जब वह प्रधानमंत्री बने तो कुछ लोगों ने उनसे मिलकर नौकरी के बारे में बात करनी चाही लेकिन अटल जी ने साफ मना कर दिया और अपने योग्यता के आधार पर काम पाने की उनको सलाह दी। अटल जी के परिजनों से उनके संस्मरणों के बारे में बात की।

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