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केशरी नाथ त्रिपाठी बोले- राष्ट्रवाद से जुडी राजनीति राष्ट्र कल्याण का मार्ग

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RishiBy Rishi

Published on 14 Oct 2017 1:45 PM GMT

केशरी नाथ त्रिपाठी बोले- राष्ट्रवाद से जुडी राजनीति राष्ट्र कल्याण का मार्ग
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह बृहस्पति भवन में पं. दीन दयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित जन्मशती समारोह कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने किया। इस दौरान उन्होने कहा कि पं. दीन दयाल के बताये रास्ते पर चलकर ही हम और तरक्की कर सकते है। उन्होंने समाज की निरंतर, निस्वार्थ व समर्पित भाव से सेवा की। राष्ट्रवाद से जुडी राजनीति राष्ट्रकल्याण का मार्ग है। कार्यक्रम के दौरान उन्होने पं.दीनदयाल सेवा संस्थान द्वारा गरीब व मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भी प्रदान की।

ये भी देखें: मेरठ में लगे केशरी नाथ त्रिपाठी GO BACK के नारे, पुलिस ने जमकर भांजी लाठी

क्या बोले राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी

राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें दूसरी बार विवि में आने का अवसर मिला है। पूर्व में विवि द्वारा डी-लिट की मानद उपाधि उनको प्रदान की गई थी। इस अवसर पर वह विवि में आए थे। उस दौरान उन्होंने अपेक्षा की थी कि विवि शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करें, उन्हें इस बात की खुशी है कि विवि उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा। कार्यक्रम में समाज के सभी आयुवर्ग के व्यक्तियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि कार्यक्रम में समाज का न्यूक्लीयस उपस्थित है और यही इसका प्रचार प्रसार भी करेगा।

उन्होने कहा कि सौभाग्यवश उन्हें पं. दीन दयाल जी के साथ कार्य करने का अवसर मिला और अपने निवास पर उनके स्वागत करने का अवसर भी उन्हें सौभाग्यवश मिला। दुर्भाग्य है कि इलाहाबाद में आयोजित जन संघ के कार्यक्रम के दौरान उन्हें पं. दीन दयाल के महाप्रयाण की सूचना मिली तत्काल वह अन्य साथियों के साथ मुगलसराय पहुंचे। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के कमरे में सिर्फ 5 व्यक्तियों को जाने की अनुमति थी और वह उन पांचों मे से एक थे।

उन्होने बताया कि दीन दयाल जी ने समाज को एकात्मवाद और अंत्योदय की परिकल्पना दी। एकात्मवाद से तात्पर्य सभी वर्गो का समेकित विकास करना है तथा अन्त्योदय का तात्पर्य समाज के अन्तिम व्यक्ति की सामाजिक व आर्थिक उन्नति है। दीन दयाल जी कहा करते थे कि राजनीति राष्ट्रवाद से हटकर नहीं हो सकती और जिस देश का व्यक्ति राष्ट्रवाद छोड़ देगा उस देश में स्वाभिमान नहीं हो सकता। राष्ट्रवाद हमारी संस्कृति की पहचान है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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