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सपा के गढ की लोकसभा सीटों पर भाजपा का फोकस 

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 25 July 2018 12:13 PM GMT

सपा के गढ की लोकसभा सीटों पर भाजपा का फोकस 
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लखनऊ: भाजपा ने सपा का गढ़ मानी जाने वाली लोकसभा सीटों पर अपना फोकस करना शुरू कर दिया है। खासकर कन्नौज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, बदायूं सीट भाजपा के लिए चुनौती का​ विषय बनी हुई है, क्योंकि लोकसभा चुनाव 2014 में जब मोदी लहर थी। उस समय भी इन सीटों पर कमल नहीं खिल पाया था। बीते उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को लगातार मात मिली है। आगामी चुनावों में सपा—बसपा गठबंधन के मैदान में उतरने की संभावना है। पार्टी की 11 व 12 अगस्त को मेरठ में प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इन्हीं समीकरणों को साधने की रणनीति पर चर्चा होगी।

स्‍थानीय वोटरों तक पहुंचाना है एजेंडा

पश्चिमी यूपी में वैसे भी सपा और बसपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। मेरठ में 11 व 12 अगस्त को प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के जरिए भाजपा स्थानीय वोटरों तक अपना एजेंडा पहुंचाएगी। लोकसभा चुनाव के समय माहौल भाजपा के पक्ष में रहे। इसके लिए अभी से गोटियां बिछानी शुरू कर दी गई हैं। पश्चिमी यूपी में अभी से पार्टी के दिग्गज नेताओं के कार्यक्रम लगने शुरू हो गए हैं। कार्यसमिति की बैठक में किसानों और नौजवानों को लुभाने और पलायन जैसे मुद्दों पर बात होगी। अगस्त 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों के बाद पश्चिमी यूपी दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है। बीते लोकसभा चुनाव के दरम्यान इस समीकरण का असर साफ दिखा। पर हालिया उपचुनावों में सपा—बसपा गठबंधन को सफलता मिली। विपक्ष की इस रणनीति ने सत्ताधारी दल के कान खड़े कर दिए हैं। इसको देखते हुए चुनाव के पहले दिग्गज नेताओं के कार्यक्रम पश्चिमी यूपी में आयोजित हो रहे हैं। ताकि चुनावों के पहले इस इलाके में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया जा सके। पिछले विधानसभा चुनावों के समय पश्चिमी यूपी में पलायन का मुद्दा गरमाया था। लोकसभा चुनाव में इसका भी असर दिखा। आगामी लोकसभा चुनाव में भी यही मुद्दा गरमा सकता है।

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