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रामनाथ कोविंद के गांव परौख में जमकर मना जश्न, दिल खोलकर बांटी मिठाइयां

aman

amanBy aman

Published on 20 July 2017 2:13 PM GMT

रामनाथ कोविंद के गांव परौख में जमकर मना जश्न, दिल खोलकर बांटी मिठाइयां
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कानपुर: रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति चुने जाने की घोषणा के बाद उनके गांव में जोरदार जश्न शुरू हो गया। गांव में चारों ओर कोविंद की जय-जयकार के नारे गूंजने लगे। कानपुर देहात के झींझक के मुख्य बाजार से लेकर कोविंद के गांव परौख की चौपालों तक भव्य नजारा देखने को मिला। लोगों ने दिल खोलकर मिठाइयां बांटीं।

कोविंद की जीत पर लोग एक-दूसरे को बधाई देते दिखाई पड़े। बाजार में कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल कोविंद की कपड़े की दुकान है। यहां दूसरे व्यापारियों ने कोविंद के भाई को जीत की बधाई दी।

ढोल व डीजे पर लोग खूब नाचे

कोविंद के घर सुबह से लोगों का तांता लग गया। घर के आंगन में एक बड़ा सा टीवी लगाया गया था जिस पर लोग राष्ट्रपति चुनाव की खबरें देख रहे थे। उसके बगल में ही डीजे बज रहा था। ढोल बजाकर भी लोगों ने जीत का जश्न मनाया। राष्ट्रपति चुनाव की काउंटिंग शुरू होते ही लोग जश्न मनाने में जुट गए क्योंकि लोगों जीत पक्की होने का यकीन था। कोविंद की जीत के लिए गांव में एक विशेष हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां लोगों ने यज्ञ में आहुतियों के साथ कोविंद की जीत की प्रार्थना की।

जश्न में महिलाएं भी पीछे नहीं

गांव में ढोल पर झूमते युवा और गांव के छोटे बच्चे कोविंद की जीत के नारे लगा रहे थे। जश्न मनाने में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। महिलाओं ने भी ढोल पर नृत्य किया और गाना गाकर खुशियां मनाईं। गांव की चौपालों पर भी जश्न का नजारा दिखा। यहां युवाओं की मंडली जुटी थी और गाने-बजाने का कार्यक्रम चल रहा था। बीच-बीच में लोग रेडियो और टीवी पर वोटों की गिनती का जायजा भी ले रहे थे।

आगे की स्लाइड में पढ़ें पूरी खबर ...

दयानंद विहार में छूटे पटाखे, सफाई शुरू

कानपुर नगर में कोविंद के घर दयानंद विहार में जमकर जीत का जश्न मनाया गया। दयानंद विहार की गलियां संवारी जा रही हैं। कूड़े के ढेर हटा दिए गए हैं। चोक नालियां साफ करा दी गई हैं। यहां बिजली के झूलते तार कसे जा रहे हैं और टूटे खंभे भी बदलने का काम शुरू हो गया है। दयानंद विहार में पटाखे छोड़े गए और मिठाइयां बांटी गयी। मोहल्ले के लोग एक-दूसरे को एडवांस में जीत की बधाई देते दिखाई पड़े। राज्यपाल रहते हुए कोविंद जब दयानंद विहार पहुंचे थे तो हर व्यक्ति से हालचाल पूछा था। मोहल्ले का हर व्यक्ति खुद को राष्ट्रपति मानने लगा है।

कोविंद ने कुछ समय पहले दयानंद विहार कालोनी में चार कमरों वाला मकान खरीदा था। फिलहाल इसमें कोई नहीं रहता। घर में ताला लगा है और पीछे केयरटेकर रहता है।

बदलनी शुरू हुई सूरत

दयानंद विहार कालोनी की सूरत भी बदलनी शुरू हो गई। नगर निगम और केस्को के अफसर सुबह ही कालोनी पहुंच गए। नगर निगम ने कालोनी के नुक्कड़ के कूड़ाघर को साफ कर दिया है। गलियों में विशेष सफाई कराई गई। नालियां दुरुस्त करा दी गई हैं। सडक़ों के गड्ढे भर दिए गए हैं। सुबह से ही सफाई कर्मचारियों की फौज लगी हुई थी। कालोनी की स्ट्रीट लाइटें बदल दी गई हैं। केस्को ने बिजली के टूटे खंबे बदल दिए तथा जर्जर तार और नया ट्रांसफार्मर रखवा दिया।

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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