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दिल्ली हिंसा पर कांग्रेस ने कहा- दंगों वाली दिल्ली बनाने का रचा जा रहा षड्यंत्र

दिल्ली में उपद्रवियों ने एक बार फिर तांडव मचाया है।इस बीच अब कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस करके लोगो से अमन-शांति की अपील की है।

Aradhya Tripathi

Aradhya TripathiBy Aradhya Tripathi

Published on 25 Feb 2020 2:51 PM GMT

दिल्ली हिंसा पर कांग्रेस ने कहा-  दंगों वाली दिल्ली बनाने का रचा जा रहा षड्यंत्र
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दिल्ली में उपद्रवियों ने एक बार फिर तांडव मचाया है। जिससे दिल्ली एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गई। दिल्ली पुलिस द्वारा लगातार हिंसा पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली में उठी हिंसा पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। और राजनीतिक पार्टियों की तरफ से बयान आने शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में अब कांग्रेस ने भी बयान ज़ारी कर अमन-शांति की अपील की।

कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और दिल्ली में फिर से अमन-शांति स्थापित करने की अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरजेवाला ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने पहले ही सचेत किया था कि कुछ लोग दिल्ली को दंगों वाली दिल्ली बनाना चाहते हैं।

धर्म के आधार पर जहर उगलने वालों का बोलवाला

कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में बेहिसाब हिंसा, आगजनी, पत्थरबाजी और हत्या की घटनाओं ने देश का सीना छलनी कर दिया है। दुर्भाग्य है कि जब हम यह पत्रकार वार्ता कर रहे हैं, उस वक्त भी दिल्ली के कई हिस्सों में हिंसा का नंगा तांडव चल रहा है।

जिस प्रकार दिल्लीवासियों का खून सड़कों पर बहाया जा रहा है। भाई-भाई की जान का प्यासा बना है। मानवता और सब रिश्ते तार-तार हो गए हैं। आज गांधी जी के देश की आत्मा खून के आंसू रो रही है। सांप्रदायिक ताकतें और धर्म के आधार पर जहर उगलने वाले तत्वों का चारों ओर बोलबाला है, भारत का सीना छलनी है।

कांग्रेस ने की सद्भाव बनाए रखने की अपील

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कांग्रेस प्रवक्ता ने अपील करते हुए कहा कि क्या गांधी जी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल के भारत में क्या दुनिया के सबसे युवा देश में हिंसा का ये नंगा नाच किसी भारतीय को मंजूर हो सकता है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से हम दिल्ली और देश की जनता से सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और देश को धर्म और मजहब के आधार पर बांटने वाली फिरकापरस्त ताकतों के गलत मंसूबों को विफल करने की अपील करते हैं।

सुरजेवाला ने आगे कहा कि हम इन दंगों की कड़ी निंदा करते हैं और दोषियों की पहचान कर असली अपराधियों, उपद्रवियों और उन्हें भड़काने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।

दोषियों पर हो कार्यवाई

कांग्रेस की ओर से हम हिंसा में मारे गए हेड कांस्टेबल रतनलाल और अन्य नागरिकों की मौत पर गहरा शोक व दुख व्यक्त करते हैं। दिल्ली पुलिस के डीसीपी अमित शर्मा और 100 से अधिक घायल व्यक्तियों के स्वस्थ होने की कामना करते हैं। तीन पत्रकार साथियों के साथ जो जघन्य कृत्य हुआ उसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन पर हमला करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।

सुरजेवाला ने कहा, "दिल्ली की जनता काफी समझदार है। लेकिन कुछ सांप्रदायिक शक्तियां अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते पिछले काफी समय से समाज को बांटने और धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण करने का षड्यंत्र कर रही हैं। हमने पहले भी कहा था कि दिल्ली को दंगों वाली दिल्ली बनाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। आज कांग्रेस की वो बात सच होती हुई दिख रही है।

हिंसा पर सरकार मौन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "चिंता का विषय यह है कि जब कोई विदेशी मेहमान हमारे देश के दौरे पर हो तो ऐसे में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और पुलिस को अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए था लेकिन हैरानी की बात है कि कोई अतिरिक्त सतर्कता दिखाने के बजाए गृह मंत्रालय और दिल्ली की नवनिर्वाचित सरकार राजधानी में हो रही हिंसा, आगजनी, पत्थरबाजी और हत्याओं से इसकदर अनजान बने हुए हैं मानो राजधानी की कानून-व्यवस्था उपद्रवियों के हाथ में सौंप दी गई हो।"

आज आरोप-प्रत्यारोप का दिन नहीं है

कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार से शांति बहाल की अपील करते हुए कहा, "किसी भी प्रकार की हिंसा का गांधी जी के भारत में स्थान नहीं हो सकता। आज समय की बात है कि दिल से देश प्यारा हो और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आज देश के लोग प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री की ओर देख रहे हैं कि वो आगे बढ़ें और वे यह सुनिश्चित करें कि जमीन पर शांति हो।

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जमीन पर भाईचारा बने। एक बार फिर सौहार्द्र मार्च निकले. सभी धर्मों के लोगों से बात हो। कानून-व्यवस्था बहाल हो. सारे मामले का पटापेक्ष हो। इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर है। आज आरोप-प्रत्यारोप का दिन नहीं है."

Aradhya Tripathi

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