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मुलायम से मिलकर लौटते ही अखिलेश ने छीनी मुख्य सचिव दीपक सिंघल की कुर्सी

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Published on 13 Sep 2016 7:47 AM GMT

मुलायम से मिलकर लौटते ही अखिलेश ने छीनी मुख्य सचिव दीपक सिंघल की कुर्सी
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लखनऊ: मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव और अमर सिंह के करीबी माने जाने वाले यूपी के मुख्य सचिव दीपक सिंघल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अचानक पद से हटा दिया है। अब राहुल भटनागर नए मुख्य सचिव होंगे। दिलचस्प बात ये है कि सिंघल एक दिन पहले ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से दिल्ली में मिलकर लौटे थेदीपक सिंघल की कुर्सी जाने के बाद मंगलवार को उन्होंने मुलायम सिंह यादव के दिल्ली आवास पर मुलाकात की है।

क्यों हटाए गए सिंघल

विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि कुछ अफसरों ने उनके इस कथन को रिकॉर्ड कर लिया और समाजवादी पार्टी के एक ताकतवर नेता के समक्ष पेश कर दिया। वह इसको देखते हुए आग बबूला हो गए और सीएम अखिलेश यादव को इससे अवगत कराया। ध्यान देने की बात यह है कि सपा सरकार बनने के बाद से ही सीएम अखिलेश यादव अपनी इमेज को लेकर काफी सतर्क रहते हैं और जब उन्होंने सिंघल की अपनी छवि को चोट पहुंचाती बातें सुनी तो आनन-फानन में उन्हें हटाने का फैसला जारी हो गया।

जानकारों के अनुसार, चीफ सेक्रेटरी बनने के बाद सिंघल लगातार नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत तमाम प्राधिकरणों की बैठक में खासी दिलचस्पी ले रहे थे। हरफनमौला सिंघल ने अपने दो महीने के कार्यकाल के दौरान अथॉरटीज के काम-काज को लेकर अफसरों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। अधिकारियों का कहना है कि बैठक में वह साफ कहते थे कि उनकी सीएम से रोज सुबह मुलाकात होती है और दिन भर में आठ बार बात होती है। पर इस बीच यह वाकया सिंघल पर भारी पड़ गया।

सीएम नहीं गए पर अमर सिंह की पार्टी में शामिल हुए सिंघल

-इसके अलावा साल 1982 बैच के आईएएस अफसर दीपक सिंघल को हटाने की कई वजहें सामने आई हैं।

-सपा नेताओं का कहना है कि उन्हें सीएम अखिलेश यादव पसंद नहीं करते थे।

-इसी बीच सिंघल दिल्ली में पार्टी के राज्यसभा सांसद अमर सिंह की पार्टी में शामिल हुए थे।

-सीएम खुद इस कार्यक्रम में नहीं गए थे। उनसे सरकार के नाराजगी की यह वजह भी बताई जा रही है।

मंत्रियों की बर्खास्तगी को लेकर भी उठा मामला

सरकार के दो मंत्रियों की बर्खास्तगी को लेकर भी मामला उठा। सपा मुखिया मुलायम सिंह ने जब पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें मंत्रियों के बर्खास्तगी के बारे में मीडिया से ही पता चला तो फिर सिंघल पर सवाल उठने लगे कि उन्होंने सपा मुखिया को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं दी।

हमने बताया था सबसे पहले

Newstrack.com ने इस मुद्दे पर कई खबरों के माध्यम से ये आशंका जाहिर की थी कि दीपक की कुर्सी सुरक्षित नहीं है।

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deepak-singhal दीपक सिंघल की कुर्सी पर मंडराते खतरे से newstrack.com ने आपको सबसे पहले अवगत कराया

नेताजी ने ही दिलाई थी कुर्सी

कहा जाता है कि दीपक सिंघल को कुर्सी दिलाने में नेताजी मुलायम सिंह यादव का बहुत बड़ा हाथ था। नेता जी से मुलाकात के बाद ही दीपक सिंघल को पद मिला था। दिलचस्प बात ये है कि मुलायम से मुलाकात के बाद ही इनकी कुर्सी भी गई है।

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क्या परिवार में सब ठीक नहीं?

पहले दो मंत्रियों और अब दीपक सिंघल की कुर्सी जाने के बाद सियासी गलियारों में ये चर्चा दोबारा शुरू हो गई है कि यादव परिवार में सबकुछ कुछ ठीक नहीं चल रहा है। गायत्री प्रसाद प्रजापति और राजकिशोर सिंह की बर्खास्तगी के बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बयान दिया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मीडिया में खबर आने के बाद ही उन्हें पता चल पाया। दीपक सिंघल भी मुलायम के करीबी माने जाते हैं।

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18 सीनियरों को किया था सुपरसीड

-1982 बैच के दीपक सिंघल ने अपने से 18 वरिष्ठ आईएएस अफसरों को पीछे छोड़कर चीफ सेक्रेटरी का पद हासिल किया था।

-इनमें 1979 बैच के राजस्व परिषद के चेयरमैन अनिल कुमार गुप्ता, 1980 बैच के शैलेश कृष्ण शामिल थे।

-1981 बैच के कुंवर फतेह बहादुर और 1982 बैच के एपीसी प्रवीर कुमार को भी सुपरसीड किया।

-दीपक से 13 और वरिष्ठ आईएएस अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।

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काम आया था‘अमर’ कनेक्शन?

कहा जा रहा है कि दीपक सिंघल के चीफ सेक्रेटरी बनने में उनका ‘अमर’ कनेक्शन भी काम आया था।

13 दिन में पद से हटाए गए थे सिंघल

दीपक सिंघल को साल 2014 में सपा सरकार ने प्रमुख सचिव गृह बनाया था, लेकिन इस पद पर वह ज्यादा दिन टिक नहीं सके थे। सिर्फ 13 दिन में ही सरकार ने उन्हे इस पद से हटा दिया था।

सिंघल के सचिव पद से हटाए जाने पर बोले आजम

यूपी के प्रमुख सचिव को पद से हटाए जाने पर कैबिनेट मंत्री आजम खान ने कहा कि सिंघल के सचिव बनने पर मुझे आश्चर्य हुआ था लेकिन हटाए जाने पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने सीएम की तारीफ करते हुए कहा कि अखिलेश सबसे अच्छे और सूझबूझ वाले मुख्यमंत्री हैं। हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। यह सीएम की भ्रष्टाचार खत्म करने की कोशिश है। इससे दूसर राज्यों को सबक लेना चहिए।

आजम खान ने बीजेपी पर तंज करते हुए कहा कि उनके मुख्यमंत्रियों और मत्रियों को कुछ दिन अखिलेश यादव से ट्रेनिंग लेनी चाहिए। पार्टी में किसी भी तरह की खींचतान को नकारते हुए आजम ने सवालिया अंदाज में कहा कि अगर खींचतान होती तो सीएम इतनी हिम्मत कर सकते थे। सीएम के फैसले से हर बेईमान परेशान है।

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