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गोरखपुर उप चुनाव : किसके सिर पर होगा सीएम योगी का हाथ

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RishiBy Rishi

Published on 18 Feb 2018 11:54 AM GMT

गोरखपुर उप चुनाव : किसके सिर पर होगा सीएम योगी का हाथ
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गोरखपुर : किसके सर पर होगा सीएम योगी का हाथ, कौन लेगा योगी की जगह, इस तरह के कई सवाल हैं। जिन पर से पर्दा उठना बाकी है। गोरखपुर लोकसभा सीट का उप चुनाव इन दिनों सुर्खियों में है। क्योंकि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनाने के बाद अब ये सीट खाली है। अब गोरखपुर में इस सीट को लेकर कई नामों का दौर चल रहा है, जिसकी वजह से बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं में हलचल का माहौल है।

गोरखपुर यानी प्रदेश के मुख्यमंत्री का गढ़ और यहां पर उप चुनाव को लेकर सभी पार्टी अपने अपने तरीके से तैयारी में जुट गई हैं। बात सत्ताधारी बीजेपी की करें तो उसने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। फिलहाल दर्जन भर ऐसे नाम हैं जिन्हें चर्चा में रखा गया है। ये सभी नाम योगी के इर्द गिर्द घूमने वालों के हैं।

ये भी देखें : गोरखपुर उपचुनाव: सपा को निषाद-पीस पार्टी का समर्थन, कहा- ‘फूल’ मुरझाएगा

2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव सीएम योगी और विरोधी दलों के लिए लिटमस टेस्ट की तरह माने जा रहे हैं 11 मार्च को इन सीटों पर मतदान होना है। जबकि 14 को मतगणना होनी है।

दूसरी बार गोरखपुर में उपचुनाव

गोरखपुर लोकसभा सीट पर दूसरी बार उपचुनाव का मौका आया है। पहली बार 1970 में तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ के निधन के वजह से यहां उपचुनाव कराना पड़ा था। अबकी बार लोकसभा सीट से सीएम योगी के इस्तीफे के कारण ये मौका आया है।

कब किसे पाले में रहा गोरखपुर

1952- 1957 सिंहासन सिंह, 3-4 अन्य सदस्य (बहुप्रतिनिधित्व प्रणाली) 1957-62- सिंहासन सिंह, महादेव प्रसाद 1962-67-सिंहासन सिंह 1967-70- महंत दिग्विजयनाथ, 1970- महंत अवेद्यनाथ, 1971-77 नरसिंह नारायण, 1977-80 हरिकेश बहादुर, 1980-84 हरिकेश बहादुर, 1984-89 मदन पांडेय, 1989-90 महंत अवेद्यनाथ, 1991-96 महंत अवेद्यनाथ, 1996-98 महंत अवेद्यनाथ, 1998-99 से 2014-17 तक लगातार 5 बार योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से चुनाव जीता।

इन चेहरों पर खेल सकती है भाजपा दांव

1 - महंत रवींद्रदास - दशकों से मंदिर से जुड़े हुए हैं। योगी के करीबी हैं, कालीबाड़ी के महंत है।

2 - महंत पंचानन पुरी - गोरखनाथ मंदिर के करीबी चचाई राम मठ के पंचानन पुरी महंत है। योगी व मंदिर से संबंध इनकी दावेदारी को मजबूत करता है।

3 - डॉ धर्मेंद्र सिंह - अभी हाल ही मे प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बनाये गए हैं। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। मेयर टिकट मांग रहे थे। महानगर अध्यक्ष भी रहे हैं।

4 - द्वारिका तिवारी - मंदिर सचिव और योगी आदित्य नाथ के खासम खास द्वारिका तिवारी भी उम्मीदवार बनाये जा सकते हैं पीठ से जुड़े हुए भी हैं। ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ के समय से मंदिर व योगी के समस्त कार्य देख रहे हैं।

5 - अधिवक्ता हरि प्रकाश मिश्र - अधिवक्ता हरी प्रकाश मिश्रा को भारतीय जनता पार्टी ने गोरखपुर से लोकसभा प्रत्याशी बना सकती है।

6 - प्रदीप राव - प्रदीप राव जंगल धुषण कालेज के प्रधानाचार्य और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् के संस्थापक सदस्य भी हैं। योगी आदित्यनाथ से काफी वर्षो से जुड़े हैं।

7 - कमल नाथ - कमल नाथ जो की मंदिर के पुराने पुजारी हैं।

इसके अतिरिक्त वेदांती महाराज और चिन्मयानंद का नाम भी सामने आया है।

अब देखना ये होगा की टिकट किसको मिलता है?

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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