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मायावती ने मांगी, दिल्ली दंगों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच

मायावती ने कहा कि इन दंगों के दौरान् आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री को भी, ऐसे समय में अपनी बाहर की राजनीति करने की बजाय इनको भी यहां इस दौरान दिल्ली के वातावरण को सामान्य करने में अपनी खास भूमिका निभानी चाहिये थी। तो यह ज्यादा बेहतर होता।

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 27 Feb 2020 5:07 PM GMT

मायावती ने मांगी, दिल्ली दंगों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने दिल्ली दंगों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि इन दंगों में हुए जान-माल के नुकसान की केन्द्र व दिल्ली सरकार मिलकर पूरी भरपाई करें।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में, राष्ट्रपति को भी जल्दी ही चिट्ठी लिखी जायेगी. बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, मायावती संवाददाताओं को संबोधित कर रही थीं।

सुश्री मायावती ने कहा कि इन दंगों के दौरान् आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री को भी, ऐसे समय में अपनी बाहर की राजनीति करने की बजाय इनको भी यहां इस दौरान दिल्ली के वातावरण को सामान्य करने में अपनी खास भूमिका निभानी चाहिये थी। तो यह ज्यादा बेहतर होता।

बसपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार ने जिस तरह पुलिस व प्रशासन को हर स्तर पर चुस्त व दुरूस्त करके उन्हें कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए पूरी आज़ादी दी थी उसी तर्ज पर यहाँ दिल्ली में भी वर्तमान केन्द्र सरकार को देनी चाहिए।

मायावती ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में, 1984 के सिख विरोधी दंगों की तरह हुए दंगों ने दिल्ली सहित पूरे देश को हिलाकर रख दिया है जिसमें जान-माल का जबरदस्त नुकसान/हानि हुआ है, जो अति-दुःखद व अति-निन्दनीय भी है।

उन्होंने कहा कि इससे भी ज्यादा गंभीर व चिन्ता की बात यह है कि दिल्ली में हुए दंगों की आड़ में जो अब घिनौनी राजनीति की जा रही है उसे पूरा देश देख रहा है, सभी राजनैतिक पार्टियों को इससे बचना चाहिये अर्थात् दंगों की आड़ में घिनौनी राजनीति तुरन्त बन्द होनी चाहिए।

राम केवी

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