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बीजेपी के इस बड़े नेता की राजनीति समाप्त करने के लिए माया को करना होगा ये काम

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 24 Oct 2018 4:16 PM GMT

बीजेपी के इस बड़े नेता की राजनीति समाप्त करने के लिए माया को करना होगा ये काम
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कानपुर : केंद्रीय एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया ने यहां कहा कि मायावती यदि उत्तर प्रदेश में किसी दलित के घर में भोजन कर लें या पानी पी लें तो मै राजनीति छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा दलितों का यदि सब से ज्यादा नुकसान किसी ने किया है तो मायावती ने किया है।

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सपा बसपा गटबंधन पर कठेरिया ने कहा, यह स्वार्थ का गठबंधन है। यह किसी रूप में हो नहीं रहा है और ना हो सकता है। दोनों पार्टिया स्वार्थी है और दोनों ही 2022 में सत्ता का सपना देख रहे है। अटल बिहारी बाजपाई ने मायावती को इसी लिए मुख्यमंत्री बनाया था कि दलितों का हित होगा। लेकिन दलितों का हित नही हुआ बल्कि मायावती ने अपना हित किया और अपने परिवार का हित किया है।

अलीगढ यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा, लगता है कि यूनिवर्सिटी भारत के अंदर नहीं है। हमने एक आर्डर किया है और कमीशन खुद सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रहने जा रहा है। यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति के छात्रों का और पिछड़ी जाति के छात्रों को रिजर्वेशन नही मिल रहा है। जबकि 1968 में कोर्ट के 5 जजों ने कहा था कि ये अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी नहीं है। इसके बाद 2005 और 2006 में इलाहबाद यूनिवर्सिटी ने भी कहा था और एमआरएचडी ने भी कहा था। अल्पसंख्यक आयोग ने भी कहा है बल्कि उसने भी लिख कर हमको दिया है कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी नहीं है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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