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प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने न केवल इनसे गठबंधन तोड़ा बल्कि श्री अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। अपनी कमियों पर आत्मचिंतन करने की बजाय श्री अखिलेश यादव प्रदेश सरकार में कानून व्यवस्था  के बारे में अनर्गल बातें कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दूसरे दिन भी बीजेपी के कई नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नेताओं के साथ ग्रुप में नाश्ता किया। उनसे बात की और ये हिदायत दी कि वे पहले से तैयार रहे। किसी भी समय उनकी परीक्षा ली जा सकती है।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को रांची हाई कोर्ट ने राहत दी है। उन्हें देवघर कोषागार मामले में हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की प्रलोभन की राजनीति से लोकतंत्र और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों के लिए खतरा हो सकता है। भाजपा का इन मूल्यों से कोई लेना देना नहीं है।

सावंत ने बुधवार की शाम को घोषणा की कि कांग्रेस विधायक दल के दो तिहाई सदस्य भाजपा में शामिल हो गए हैं। दो-तिहाई संख्या... दल-बदल कानून के तहत होने वाली कार्रवाई से बचाने के लिये पर्याप्त है।

आरएसएस के प्रचारकों की गुरूवार से विजयवाडा में होने वाली अखिल भारतीय वार्षिक बैठक में इस बात पर फैसला हो सकता है। विजयवाड़ा में 11 से 13 जुलाई तक होने वाली प्रान्त प्रचारकों की इस बैठक में देशभर के 300 प्रचारक हिस्सा ले रहे है। बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत सहित सभी बड़े पदाधिकारी शामिल होंगे।

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के जिस आलीशान होटल में कर्नाटक के बागी विधायक ठहरे हुए हैं उसके बाहर बुधवार को जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री डी के शिवकुमार को होटल में प्रवेश करने से रोक दिया गया। हालांकि कांग्रेस-जद(एस) सरकार को गिरने …

कर्नाटक में सत्तारूढ़ गठबंधन के 12 विधायक, प्रदेश की एच डी कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने के बाद, शनिवार से ही यहां के एक होटल में रह रहे हैं। इन विधायकों में से सात कांग्रेस के, तीन जेडीएस के जबकि दो विधायक निर्दलीय हैं।

वैसे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में यह भी चर्चा है की कांग्रेस की हार के बाद ज्योतिरादित्य ने इस्तीफ़ा दे दिया है लेकिन इस हार की जिम्मेदारी प्रियंका की भी बनती है। ऐसे में नैतिकता के आधार पर उन्हें भी इस्तीफ़ा देना चाहिए। उन्हें भी कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

अखिलेश के पार्टी संभालने के बाद से ही पार्टी में काफी कुछ बदल गया है। कई पुराने नेता हाशिये पर आ गये और नये-नये आये लोगों के हाथों में पार्टी की बागडोर आ गयी। अब सुलह के मसले पर यही लोग रोड़े अटका रहे है।