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मोदी का ममता पर निशाना, बोले- चिटफंड में करोड़ों डकारने वाले पूछते हैं सवाल

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 20 Nov 2016 10:34 AM GMT

मोदी का ममता पर निशाना, बोले- चिटफंड में करोड़ों डकारने वाले पूछते हैं सवाल
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आगरा: पीएम नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ''मैं जानता हूं कि कैसे-कैसे लोग मेरे खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। क्या देश नहीं जानता है कि चिटफंड के कारोबार में किसका पैसा लगा था। कितने गरीबों ने अपनी जमापूंजी इसमें जमा कराई थी, लेकिन राजनेताओं के आर्शीवाद से चिटफंड में जमा गरीबों का करोड़ों रुपया गायब हो गया और इसकी वजह से सैकड़ों परिवारों के मुखिया को आत्महत्या करनी पड़ी थी। इतिहास इसका गवाह है। वो आज मुझसे सवाल पूछते हैं। ''

ट्रेन हादसे पर पीएम ने जताया दु:ख

आगरा में परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कानपुर ट्रेन हादसे पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राहत-बचाव का काम लगातार जारी है। इस दुर्घटना की पूरी जांच तो होगी ही, लेकिन इस हादसे में जो घायल हैं, जिनकी मौत हो गई है, उनके परिवारों की आर्थिक सहायता की जाएगी। वह उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं, जिन्होंने इस हादसे मेें अपनों को खोया है।

सोने की तरह तपकर चमकेगा देश: मोदी

-मैं देश के हर ईमानदार और काम करने वाले व्यक्ति को सर झुकाकर नमन करता हूं।

-मैंने देश को भ्रष्टाचारियों, कालाबाजारियों और कालेधन से मुक्त कराने के लिए बीड़ा उठाया है।

-इसे सबसे ज्यादा आर्शीवाद गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों ने दिया है।

-मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके सपने सच होकर रहेंगे।

-मैं देश के सामने पहले दिन ही कहा था कि यह एक बड़ा काम है। वक्त लगेगा और थोड़ी असुविधा होगी।

-मैं हैरान हूं कि मेरे देशवासी इतनी परेशानी झेलने के बाद भी मेरे फैसले के साथ हैं।

-यह आपका तक कभी बेकार नहीं जाएगा। देश सोने की तरह तपकर बाहर निकलेगा।

'15 करोड़ तक जमा हो गया बिजली का बिल'

-इस फैसले को लागू करने के बाद मैंने जरूरत के हिसाब से नियम भी बदले हैं।

-मुझे जैसे ही पता चला कि गरीब या मध्यमवर्गीय लोग परेशान हो रहे हैं, मैंने तुरंत उन्हें कई जगह छूट दी।

-हम लकीर के फकीर नहीं है। जहां लचीला होने की जरूरत पड़ी, वहां फैसले बदले।

-जिस शहर को 5 करोड़ रुपए बिजली का बिल इकट्ठा करने में आंखों में पानी आ जाता था, लेकिन 8 नवंबर के बाद 15 करोड़ का बिल जमा हो गया।

-10 दिन में 5 लाख करो़ड़ से ज्यादा रकम लोगों ने बैंकों में आकर जमा करवाया है।

-यह 500 और 1000 के नोट बंद करने से कुछ लोगों की जिंदगी बर्बाद हो गई है, क्योंकि उन्होंने गरीबों का पैसा लूटा था।

-नोटबंदी से मध्यमवर्ग का शोषण बंद होगा। आने वाले वक्त में कम ब्याज पर लोन मिल सकेगा।

'देश को आर्थिक आतंकवाद ने किया तबाह'

-आतंकवाद सरहद पर सेना के जवानों को मौत के घाट उतारता है।

-वहीं आर्थिक आतंकवाद नौजवानों को ड्रग्स में और देश को आर्थिक तबाही की ओर ले जाता है।

-ड्रग्स का कारोबार कैश में चलता है। आतंकवाद कैश से फलता-फूलता है।

-नोटबंदी से जाली नोट के कारोबार को बड़ा झटका लगा है। 70 साल तक तो चुप रहे, लेकिन और अब तक चुप रहें।

-पता सबको था, लेकिन उन्हें सिर्फ कुर्सी की चिंता थी, देश की नहीं। कुछ लोगों का तो सबकुछ लुट गया है।

-आपको एमएलए बनना है तो इतनी नोटें लाओ, तो बनोगे। अब नोटें भर-भरकर रखी थीं, लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता।

-मैंने यह फैसला किसी को परेशान करने के लिए नहीं किया है। मैंने सिर्फ यह नौजवानों का भविष्य बनाने के लिए किया है।

-मैंने सिर्फ आपसे 50 दिन मांगे हैं। इतनी तकलीफ उठा लीजिए, फिर अच्छे ही अच्छे दिन आएंगे।

'2022 तक हर गरीब के पास होगा अपना घर'

-2022 में जब हमारा देश आजादी का 75वां साल मनाएगा, तो हिंदुस्तान के हर गरीब के पास अपना घर होगा।

-मैंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की शुरुआत आगरा से की है। ताकि मेरा संकल्प पूरा हो सके।

-मुझे करोड़ों घर बनाने हैं, लेकिन यह घर बनाने के लिए अच्छे कारीगरों की भी जरूरत पड़ेगी।

-सरकार ने पिछले कुछ महीनों में पूरे हिंदुस्तान में बेरोजगार नौजवानों को राजमिस्त्री की ट्रेनिंग देने का काम शुरू किया है।

-इससे गांव-गांव लोकर राजमिस्त्री तैयार होंगे और उन्हें रोजगार भी मिलेगा।

-इन घरों में बिजली भी होगी। खाना पकाने की सारी व्यवस्था भी होगी। उज्ज्वला योजना के तहत गैस का चूल्हा भी मिलेगा।

-18 हजार गांव आजादी के 70 साल के बाद भी 18वीं शताब्दी में जीते थे। बिजली क्या होती है, उन्हें पता नहीं था।

-सबसे ज्यादा गांव यूपी के अंधेरे में पड़े हुए थे। वहां तक बिजली पहुंचाई। गरीबों को पहली प्राथमिकता देता हूं।

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Rishi

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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