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प्रियंका और ज्योतिरादित्य के सचिवों में सीटों का बंटवारा तय, यहां पढ़ें पूरी डिटेल्स

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी ईस्ट प्रभारी प्रियंका गांधी की 41 लोकसभा सीटो के लिए सचिव बाजीराव खाड़े और सचिन नायक को सचिव पद की जिम्मेदारी सौपी है। वही यूपी वेस्ट प्रभारी ज्योतिरादित्या सिंधिया की 39 लोकसभा सीटों के लिए राणा गोस्वामी, धीरज गुर्जर ,रोहित चौधरी को सचिव पद की जिम्मेदारी सौपी है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 24 Feb 2019 5:33 AM GMT

प्रियंका और ज्योतिरादित्य के सचिवों में सीटों का बंटवारा तय, यहां पढ़ें पूरी डिटेल्स
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कानपुर: कानपुर-कांग्रेस अध्यक्ष राहुल उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों का बंटवारा प्रदेश के दोनों प्रभारियों के बीच कर चुके है। यूपी ईस्ट प्रभारी प्रियंका गांधी को 41 लोकसभ सीटों का प्रभार और यूपी वेस्ट प्रभारी ज्योतिरादित्या को 39 लोकसभा सीटों का प्रभार दिया था।

कानपुर बुंदेलखंड में 10 लोकसभा सीटें है। जिसमें से प्रियंका गांधी के पास 4 लोकसभा सीटों का प्रभार है। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के 6 लोकसभा सीटों का प्रभार है। राहुल गांधी ने बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश ईस्ट और वेस्ट प्रभारियो के लिए 5 सचिव के नामों की घोषणा की है। उन्होंने 5 सचिवों के बीच 80 लोकसभा सीटों का बटवारा कर दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी ईस्ट प्रभारी प्रियंका गांधी की 41 लोकसभा सीटो के लिए सचिव बाजीराव खाड़े और सचिन नायक को सचिव पद की जिम्मेदारी सौपी है। वही यूपी वेस्ट प्रभारी ज्योतिरादित्या सिंधिया की 39 लोकसभा सीटों के लिए राणा गोस्वामी, धीरज गुर्जर ,रोहित चौधरी को सचिव पद की जिम्मेदारी सौपी है।

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कानपुर बुंदेलखंड के सचिवो के बीच सीटों का बटवारा

कानपुर बुंदेलखंड की झाँसी ,हमीरपुर,बाँदा ,जालौन की लोकसभा सीटों की प्रभारी प्रियंका गांधी है। यूपी ईस्ट प्रभारी प्रियंका गांधी के सचिव बाजीराव खाडे झाँसी ,हमीरपुर बाँदा और जालौन लोकसभा सीटों का काम काज देखेंगे। वहीं ज्योतिरादित्या सिंधिया के कानपुर,अकबरपुर,कन्नौज,फरुखबाद,ईटावा,मिश्रिख लोकसभा सीटों है। यूपी वेस्ट प्रभारी ज्योतिरादित्या सिंधिया के सचिव रोहित चौधरी कानपुर ,अकबरपुर ,कन्नौज ,ईटावा ,फरुखाबाद का काम काज देखेंगे। जबकि मिश्रिख लोकसभा सीट का काम धीरज गुर्जर के पास है।

लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो मोदी लहर में कानपुर बुंदेलखंड की 10 लोकसभा सीटों में से 09 सीटों पर बीजेपी का कमल खिला था। कन्नौज की एक मात्र सीट सपा के हाथ लगी थी। जिस पर अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव ने किसी तरह से जीत हासिल कर पाई थी। इसी तरह 2017 के विधानसभा चुनाव में कानपुर बुंदेलखंड की 52 विधानसभा सीटों में से 47 सीटे बीजेपी के पास है। इसी लिए कानपुर बुंदेलखंड को बीजेपी का सबसे मजबूत किला कहा जाता है। बीजेपी ने अपने इस किले की घेराबंदी भी सख्त तरीके से की है।

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जातीय फैक्टर के आधार पर हुआ सीटों का बंटवारा

कानपुर बुंदेलखंड की हमीरपुर,बाँदा, झाँसी,जालौन लोकसभा सीटे प्रियंका गांधी को मिली है।यह सभी लोकसभा सीटें ऐसी है। जहां पर ब्राह्मण,मुस्लिम और क्षत्रिय वोटरों के साथ ही साथ ओबीसी वोटरों की संख्या सबसे अधिक है। यदि प्रियंका गांधी ब्राह्मण वोटरों में सेंध लगाने में कामयाब हो गई तो यह सीटे जीतने में कामयाब हो सकती है। रही बात मुस्लिम वोटरों की तो कांग्रेस के खाते में जाना तय मानी जा रही है।

ज्योतिरादित्या सिंधिया को कानपुर बुंदेलखंड की ईटावा,कानपुर, अकबरपुर,कन्नौज,फरुखबाद,मिश्रिख जैसी लोकसभा सीटो का प्रभार है। यह सभी लोकसभा सीट क्षेत्रीय बहुल है। कांग्रेस पार्टी ज्योतिरादित्या सिंधिया की मदद से क्षत्रिय वोटरों को अपने पाले में लाने का प्रयास किया जा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कानपुर,फरुखबाद,अकबरपुर,झाँसी की लोकसभा सीटे कांग्रेस के खाते में थी।

2009 की मनमोहन सरकार में कानपुर बुंदेलखंड से तीन केंद्रीय मंत्री थे। झाँसी से आदित्य जैन,फरुखबाद से सलमान खुर्शीद और कानपुर से श्रीप्रकाश जायसवाल। अब देखने वाली बात यह होगी कि कानपुर बुंदेलखंड के वोटर को प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्या सिंधिया कांग्रेस का वोटर बनाने में कामयाब हो पाएंगे या नहीं।

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