नगर दर्शन के जरिए बढ़ायेंगे पर्यटन, इन स्थलों में एयरलिंक है जरूरी

Published by seema Published: November 3, 2017 | 3:27 pm
Modified: November 3, 2017 | 3:45 pm

नगर दर्शन के जरिए बढ़ायेंगे पर्यटन, इन स्थलों में एयरलिंक है जरूरी

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है। जोर भले ही अयोध्या, काशी, मथुरा और चित्रकूट पर दिख रहा है लेकिन राजनीतिक रूप से बसपा को लगातार झटका दे रही भारतीय जनता पार्टी की सरकार बौद्ध स्थलों का भी विकास करते हुए बसपा नेताओं को बोलने का मौका नहीं दे रही है। यही नहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में ताजमहल के आसपास सफाई अभियान चलाकर उस विवाद का भी शमन कर दिया है जो उनकी पार्टी के कुछ नेताओं की बयानबाजी से उभार ले रहा था। इसीलिए उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी कहती हैं कि हम न केवल पर्यटन स्थलों का विकास करने की योजनाएं बना रहे हैं, वरन उनको धरातल पर उतार भी रहे हैं।

डॉ. रीता जोशी का मानना है कि पर्यटन तो रोजगार से जुड़ा विषय भी है। पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार मुहैया कराए जा सकते हैं। पर्यटन स्थलों पर विकास योजनाएं आकार ले रही हैं। इससे लोगों को काम मिल रहा है। पर्यटन मंत्री का दावा है कि वह दिन दूर नहीं जब सभी पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे पर्यटकों आमद बढ़ेगी। हम ऐसा काम करेंगे कि देश के और हिस्सों में उत्तर प्रदेश की पर्यटन सुविधाओं की सराहना हो। पर्यटन को लेकर आरबी त्रिपाठी ने उनसे बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश-

ऐसा क्या काम कर रही हैं कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का नाम हो?
हम कई काम एक साथ कर रहे हैं। दरअसल अभी तक धार्मिक स्थलों को पर्यटन के नजरिए से विकसित करने के लिए काम किसी ने नहीं किया। वह काम हमारी सरकार कर रही है। यूपी राम और कृष्ण की जन्मभूमि है। बुद्ध की निर्वाण स्थली है। इनसे जुड़े क्षेत्रों को अगर पूर्ण विकसित कर दिया जाएगा तो पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। इन स्थलों में एयरलिंक जरूरी है। अगर फ्लाइट की सुविधा होगी तो देशी-विदेशी दोनों तरह के पर्यटक आसानी से पहुंच सकेंगे। जरूरत है लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में कुछ काम ही नहीं किया। हम यह करने जा रहे हैं।

इस तरह का दावा तो पिछली सरकारें भी करती रही हैं?
यही तो कहना चाहती हूं कि पिछली सरकारों ने सिर्फ दावे किए, हम करके दिखाने जा रहे हैं। लखनऊ से आगरा, लखनऊ से बनारस, लखनऊ से इलाहाबाद, मथुरा, आगरा और झांसी के लिए कम सीटों वाली फ्लाइट शुरू होंगी। विमान कंपनियों से अनुबंध पर काम चल रहा है।

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आपने हाल में पूरे उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के दौरे किए हैं ?
कई तरह की समस्याएं हैं जो पर्यटकों को उठानी पड़ती हैं। रहने का इंतजाम, उनकी सुरक्षा, परिवहन और पर्यटन स्थलों में साफ-सफाई की कमी। हमने पिछले छह महीने में पर्यटन को लेकर न केवल योजनाएं बनाई हैं, बल्कि उनका क्रियान्यवन भी तेजी से शुरू कराया है। अयोध्या के विकास के लिए 133 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। कुशीनगर के विकास का काम किया है।

क्या फोकस सिर्फ धार्मिक पर्यटन पर ही है?
नहीं, हर तरह के पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। हमारे लिए जितना धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन जरूरी है, उतना ही ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत वाले क्षेत्र भी। उदाहरण के तौर पर कुशीनगर क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाकर हम विदेशी बौद्ध पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ा सकते हैं। यह क्षेत्रीय निवासियों के रोजगार के लिए अच्छा जरिया बनेगा। अभी तक हमारे आगरा और काशी में ही विदेशी पर्यटक ज्यादा आते हैं क्योंकि वहां पहुंचने की सुविधा बेहतर है। अगर हम अयोध्या, मथुरा और कुशीनगर में भी वैसी ही सुविधाएं मुहैया करा दें तो यहां भी विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी।

अयोध्या में दिवाली के मौके पर बड़ा आयोजन हुआ और विपक्षी दल इसके पीछे राजनीतिक मकसद मान रहे हैं?
हमारे देश में श्रीराम और कृष्ण भगवान हैं। इनका आचरण देश ही नहीं, पूरी दुनिया में अनुकरणीय है। अगर इनकी जन्मस्थली को विकसित किया जाए जिससे दुनिया के लोग आकर देख सकें तो इसमें गलत क्या है। वेटिकन छोटा सा शहर है, उसका विकास किस तरह से किया गया है। मक्का मदीना का किस तरह से विकास हुआ है। यह भी तो धार्मिक पर्यटन के लिए ही विकसित गए हैं तो अयोध्या, काशी, मथुरा और चित्रकूट को क्यों नहीं विकसित किया जाना चाहिए। जो लोग विकास के कामों की आलोचना करते हैं, वह करते रहें। हम तो अपना काम कर रहे हैं। रही बात अयोध्या की दिवाली की तो हम इसे एक ऐसा सालाना इवेंट बनाएंगे कि देश-दुनिया के लोग अयोध्या की दिवाली देखने आएं। उसी तरह से जैसे बरसाना की होली मशहूर है।

इसी मकसद से अयोध्या के विकास के लिए सरकार ने 133 करोड़ की योजनाएं लांच की है। इन योजनाओं के पूरा होते ही अयोध्या चमक उठेगी। ऐसा ही विकास मथुरा, वृंदावन, चित्रकूट में कराया जा रहा है। काशी में काम चल ही रहा है। हमारी सरकार का ध्यान विकास पर ही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी विकास को ही प्रमुख लक्ष्य मान रहे हैं। वह स्वयं सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर उनके विकास पर ध्यान दे रहे हैं। आगरा में उनके नेतृत्व में स्वच्छता अभियान चलाया गया। ताजमहल और इसके आसपास का पूरा क्षेत्र चमकाया जा रहा है।

क्या हेलीकाप्टर से नगर दर्शन कराने की भी कोई योजना है ?
इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी, इलाहाबाद, आगरा आदि शहर बहुत जल्द दैनिक विमान सेवा से जुडऩे जा रहे हैं। गोवर्धन और वृंदावन को एरियल नगर दर्शन सेवा से जोडऩे के लिए हेलीकाप्टरों का भी अनुबंध किया जा रहा है। गोवर्धन में इसका ट्रायल भी किया जा चुका है। लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद जैसे शहरों में नगर दर्शन के लिए हेलीकाप्टरों की सेवा भी मिलेगी। इलाहाबाद में अगले कुंभ मेले में आने वाले पर्यटकों को हेलीकाप्टर से नगर दर्शन का अवसर मिलेगा।

कुछ विशिष्ट आयोजनों को भी पर्यटन से जोड़ा जाएगा?
देखिए, रामलीला हमारी परंपरा में है। दशहरे के मौके पर गांव गांव रामलीलाएं होती हैं। अब हम रामलीलाओं के आयोजनों को बढ़ावा देने जा रहे हैं। इसके लिए विदेशी रामलीला मंडलियों को भी अवसर मिलेगा। देशी कलाकारों को भी रामलीला के प्रदर्शन का विशेष अवसर दिया जाएगा। हमारे प्रदेश में बुंदेलखंड एक ऐसा क्षेत्र है, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वहां जलक्रीड़ाओं के जरिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य और जल पर्यटन की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

कुंभ और प्रदेश भर में अलग अलग मेलों के लिए कुछ हो रहा है?
जी बिल्कुल हो रहा है। इलाहाबाद में होने वाले अगले कुंभ मेले की ब्रांडिंग हम दुनिया के पैमाने पर करने जा रहे हैं। अन्य मेलों की विशिष्टता भी परखते हुए उनके बारे में योजना बनाएंगे। हमारी सरकार महोत्सवों को बढ़ावा देगी। इससे क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजा जा सकेगा।

पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अभी तक अपना कोई लोकप्रिय लोगो या थीमसांग नहीं बना पाया है?
हमारे यहां भी इस पर काम चल रहा है। हम ऐसा करने जा रहे हैं कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश एक बेहतर मॉडल बन सके। इस बारे में पूरी गंभीरता से काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश में पर्यटन में बहुत कुछ करना बाकी है, जो हमारी सरकार करके दिखाएगी।

 

  • ‘लखनऊ से आगरा, बनारस, इलाहाबाद, मथुरा, आगरा और झांसी के लिए कम सीटों वाली फ्लाइट शुरू होंगी। विमान कंपनियों से अनुबंध पर काम चल रहा है।’
  • ‘जितना धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन जरूरी है, उतना ही ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत वाले क्षेत्र भी। अभी तक आगरा और काशी में ही विदेशी पर्यटक ज्यादा आते हैं क्योंकि वहां पहुंचने की सुविधा बेहतर है। अगर हम अयोध्या, मथुरा और कुशीनगर में भी वैसी ही सुविधाएं मुहैया करा दें तो यहां भी विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी।’
  • ‘अयोध्या की दिवाली को हम इसे एक ऐसा सालाना इवेंट बनाएंगे कि देश-दुनिया के लोग अयोध्या की दिवाली देखने आएं। उसी तरह से जैसे बरसाना की होली मशहूर है।’
  • ‘लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद जैसे शहरों में नगर दर्शन के लिए हेलीकाप्टरों की सेवा भी मिलेगी। इलाहाबाद में अगले कुंभ मेले में आने वाले पर्यटकों को हेलीकाप्टर से नगर दर्शन का अवसर मिलेगा।’