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यूपी के निकाय चुनाव बने अफसरों के लिए प्रयोगशाला, सुरा प्रेमी निशाने पर

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RishiBy Rishi

Published on 18 Nov 2017 2:33 PM GMT

यूपी के निकाय चुनाव बने अफसरों के लिए प्रयोगशाला, सुरा प्रेमी निशाने पर
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लखनऊ : यूपी में होने वाला नगर निकाय चुनाव अफसरों के लिए नई प्रयोगशाला बन गया है। कानपुर, इलाहाबाद, बरेली और नोयडा में अफसरों ने शराबियों पर नकेल कसने के लिए नया तरीका ईजाद किया है। जिसके तहत पुलिस शराब खरीदने वालों का नाम पता मोबाइल नंबर और फोटो लेकर अपने रिकार्ड में सुरक्षित रखेगी। उनके इस प्रयोग ने शराबियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। जिला प्रशासन की इस नई व्यवस्था से जगह जगह लोगों का सेल्समैन से विवाद भी हो रहा है। लेकिन मतगणना तक यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।

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कानपुर में डिटेल देने पर ही मिलेगी शराब

कानपुर जिला प्रशासन ने शराबियों के लिये नई मुसीबत खड़ी कर दी है। नगर निकाय चुनाव के चलते जिलाधिकारी कानपुर सुरेंद्र सिंह ने जिले भर के देशी, अग्रेज़ी और बीयर शाप पर खरीदारों की पूरी डिटेल सुरक्षित रखने का फरमान जारी किया है। डीएम के इस आदेश के तहत अब शराब व्यवसाइयों को दिन भर की बिक्री का ब्योरा स्थानीय थाने को उपलब्ध कराना होगा। इस ब्यौरे में शराब खरीदने वाले का नाम पता मोबाइल नंबर और एक तस्वीर देनी होगी। देशी, अंग्रेजी ठेकों और बीयर शॉप में यह व्यवस्था मतगणना वाले दिन तक यानि 1 दिसंबर तक लागू रहेगी। पुलिस को इस बात की हिदायत दी गई है कि ज्यादा शराब खरीदने वालों पर नज़र रखी जाए।

पुलिस इस बात पर भी निगाह रखेगी कि कहीं ज्यादा शराब खरीदने वाला व्यक्ति किसी प्रत्याशी का समर्थक तो नहीं है। जिला प्रशासन की इस नई व्यवस्था से शराबियों को झटका लगा है। जगह जगह खरीदारों का सेल्समैन से विवाद भी हुआ है। इन में से कुछ लोग बिना शराब खरीदे ही वापस चले गए हैं।

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नोयडा में पुलिस खुद नोट कर रही है डिटेल

कानपुर में सेल्समैन के जिम्मे शराब खरीदारों का ब्योरा रखने की ज़िम्मेदारी है। तो नोयडा में यूपी पुलिस भीड़भाड़ वाले इलाके में ज्यादा शराब खरीदने वालों पर निगाह रख रही है। एसएसपी नोयडा लव कुमार कहते हैं कि अक्सर शराब पीकर वाद विवाद की खबरे आम बात हैं, और चुनावी मौसम में शराब बांटे जाने की भी शिकायत आती हैं। इस तरह की शिकायतों को रोकने के लिए पुलिस एहतियाती कदम उठा रही है। ताकि नगर निकाय चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए।

बरेली इलाहाबाद में भी शराबियों पर शिकंजा

चुनावी मौसम में पुलिस प्रशासन हरकत में हैं। मतगणना वाले दिन यानि 1 दिसंबर को संभावित बारावफात के जुलूस को मद्देनजर रखते हुए पुलिस एहतियाती कदम उठा रही है। एसएसपी इलाहाबाद आकाश कुलहरी और एसएसपी बरेली जोगेंद्र कुमार ने थानेदारों को शराब ठेकों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शराब खरीदारों की डिटेल रखने के निर्देश दिए हैं। यहां भी शराब खरीदने वालों की सेल्समैन ने वाद विवाद की खबरें आम हो रहीं हैं।

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डीएम हरदोई मतदान प्रतिशत बढ़ाने स्कूटी पर निकलीं

हरदोई की सड़कों पर जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना स्कूटी से निकाल पड़ीं। नगर निकाय चुनाव में मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए डीएम शुभ्रा सक्सेना महिला अधिकारी और कई शिक्षिकाओं के साथ मतदान की अपील करती नजर आईं। यूपी में निकाय चुनाव तीन चरणों में हो रहा है। हरदोई में मतदान 22 नवंबर को होना है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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